Monday, April 13, 2026

जेल से आपराधिक गिरोह का संचालन करने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं है. ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्लान तैयार है.

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रांचीः झारखंड के जेलों में रहकर आतंक फैलाने वाले शातिर अपराधी अब एक जेल में ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाएंगे. वैसे अपराधियों को राज्य के बाहर के जेलों में शिफ्ट करने की योजना पर झारखंड पुलिस काम कर रही है.

राज्य के बाहर के जेलों में शिफ्टिंग की योजना

झारखंड के विभिन्न जेलों में बंद वैसे अपराधी जो जेल में रहकर भी एक्टिव हैं उन पर नकेल कसने के लिए उन्हें दूसरे राज्यों के जेलों में शिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से प्लान तैयार कर लिया गया है. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस कड़ी में एक ही जेल में ज्यादा दिन तक कुख्यात अपराधियों को रखा नहीं जा रहा है. झारखंड के विभिन्न जेलों में उनकी शिफ्टिंग लगातार की जा रही है, लेकिन अब पुलिस की योजना है कि ऐसे अपराधियों को राज्य के बाहर के जेलों में भी रखा जाए.

कौन-कौन से गैंग है रडार पर

झारखंड में फिलहाल आठ से 10 संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं. जिनमें से अधिकांश के गैंग लीडर जेल में बंद हैं और कुछ फरार हैं. जबकि कुछ के गैंगवार में मारे जाने के बाद भी उनके गिरोह को उनके परिवार के सदस्य या फिर उनके बेहद करीबी लोग संचालित कर रहे हैं. जो प्रमुख गैंगस्टर्स सलाखों के पीछे हैं उनमें प्रमुख रूप से डॉन अखिलेश सिंह, सुजीत सिन्हा, अनिल शर्मा, विकास तिवारी और अमन श्रीवास्तव शामिल हैं. ये सभी राज्य के अलग-अलग जेलों में बंद हैं.

वहीं कुख्यात गैंगस्टर भोला पांडेय और सुशील श्रीवास्तव दोनों ही गैंगवार में मारे गए हैं, लेकिन दोनों के ही गैंग राज्य में बेहद सक्रिय हैं. वर्तमान में भोला पांडेय गिरोह को विकास तिवारी संभाल रहा है. वहीं सुशील श्रीवास्तव गैंग को उसका बेटा अमन श्रीवास्तव संभाल रहा है. वहीं कई ऐसे गैंग्स भी हैं जिनके मुखिया और पुलिस के बीच लगातार आंख-मिचौली चल रही है. उनमें प्रमुख नाम डबलू सिंह उर्फ गौतम सिंह का है. डबलू सिंह को पलामू के आतंक के रूप में जाना जाता है. दूसरे नंबर पर गैंग्स ऑफ वासेपुर का प्रिंस खान है. प्रिंस खान फिलहाल दुबई में है और वही से अपने गैंग को ऑपरेट कर रहा है.

तीन अमन में दो मारे गए

झारखंड में अपराध की दुनिया में अमन नाम बेहद चर्चित रहा है. लेकिन दो अमन अब नहीं रहे. अमन साहू को पुलिस ने फरार होने की कोशिश करते समय एनकाउंटर में मार गिराया था. वहीं उत्तर प्रदेश के कुख्यात अमन सिंह की हत्या झारखंड के धनबाद जेल में कर दी गई. अब एकमात्र अमन झारखंड में बचा है जिसका पूरा नाम अमन श्रीवास्तव है. अमन श्रीवास्तव कुख्यात गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव का बेटा है. सुशील श्रीवास्तव की हत्या हजारीबाग कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े कर दी गई थी. जिसके बाद अमन ही पूरे गैंग का संचालन कर रहा है. फिलहाल अमन श्रीवास्तव जेल में बंद है. उसे मुंबई एटीएस की मदद से महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया था.

अपराधियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि संगठित आपराधिक गिरोहों में शामिल अपराधियों के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई की जाएगी. जिसमें कुर्की-जब्ती,कोर्ट ट्रायल करवा कर सजा दिलवाना और जेल शिफ्टिंग शामिल है.

स्पेशल सेल जुटा रही जानकारी

तमाम अपराधियों पर नजर रखने के लिए झारखंड पुलिस का स्पेशल सेल भी बेहद एक्टिव हो गया है. स्पेशल सेल के अफसर सभी गैंग्स मेंबर, उनके करीबियों, उनको पनाह देने वालों, उनके जमानतदार, उनकी अकूत संपत्ति का निवेश करने वालों की सूची तैयार कर चुकी है. साथ ही किस गैंग के कौन से सदस्य जेल में हैं, कौन जमानत पर हैं और कौन फरार हैं इसकी भी सूची तैयार की गई है. स्पेशल सेल की रिपोर्ट के बाद ही वैसे दुर्दांत अपराधी जो झारखंड के जेलों में रहकर आतंक फैला रहे हैं उन्हें राज्य के बाहर के जेलों में शिफ्ट किया जाएगा.

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