सहरसा से दिल्ली जा रही वैशाली एक्सप्रेस में एक वर्षीय मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे मुजफ्फरपुर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई. समस्तीपुर के पास बच्चे की नाक से खून बहने लगा, जिसके बाद कंट्रोल को सूचना दी गई. मुजफ्फरपुर में डॉक्टरों की टीम ने जांच की लेकिन बचाया नहीं जा सका.
सहरसा से नई दिल्ली जा रही वैशाली एक्सप्रेस (12553) में एक वर्ष के बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया, और मुजफरपुर स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम पहले से तैयार थी।
ट्रेन में बिगड़ी हालत, नाक से बहा खून
मधुबनी जिले के सेलीवेली वरपुरवा, जयनगर की रहने वाली रीता देवी अपने एक वर्षीय बेटे युवराज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रही थीं। रास्ते में समस्तीपुर के पास बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और उसकी नाक से खून बहने लगा। घबराई मां ने तत्काल रेलवे कंट्रोल को सूचना दी।
मुजफ्फरपुर में रेलवे डॉक्टरों ने की जांच, अस्पताल में मृत घोषित
सुबह 11:21 बजे ट्रेन के मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंचते ही महिला और उसके परिजनों को उतारकर बच्चे का इलाज शुरू किया गया। रेलवे डॉक्टर शालिग्राम चौधरी की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद बच्चे को सदर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली में रहते हैं माता-पिता, इलाज के लिए गांव से लौट रही थी मां
रीता देवी के पति विष्णु महतो दिल्ली में काम करते हैं। कुछ समय पहले रीता देवी अपने गांव आई थीं, लेकिन बच्चे की तबीयत लगातार खराब रहने के कारण वह उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रही थीं। उनके साथ गांव की एक अन्य महिला और एक संबंधी भी यात्रा कर रहे थे।
RPF-GRP ने की मदद, परिजनों को गांव भेजा
घटना के बाद रेलवे पुलिस (आरपीएफ) और जीआरपी ने तत्काल महिला की सहायता की। बैरिया में ऑटो की व्यवस्था कराकर उन्हें वहां तक पहुंचाया गया, जहां से वह बच्चे के शव के साथ सहरसा रवाना हो गईं।
यह घटना हर किसी के लिए दुखद थी। ट्रेन यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना देने की सलाह दी जाती है ताकि समय पर मदद पहुंचाई जा सके।


