Ranchi News, 6 November 2026: दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है, लेकिन आतिशबाजी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। पटाखा जलाने के बाद नहीं फूटे तो उसके पास जाकर दोबारा जलाने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। वहीं, पटाखे से जलने पर तुरंत तेल या दूसरी घरेलू चीजें लगाने के बजाय सही प्राथमिक उपचार करना जरूरी है।
दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव को लेकर रिम्स के चर्म रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और जलने की स्थिति में सही प्राथमिक उपचार अपनाने से नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
पटाखा नहीं फूटे तो दोबारा जलाने की कोशिश न करें
आतिशबाजी के दौरान कई बार पटाखा जलाने के बाद भी नहीं फूटता। ऐसी स्थिति में उसके पास जाकर जांच करने या दोबारा जलाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है।
डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, पटाखा अचानक फट सकता है, जिससे हाथ और चेहरे पर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए नहीं फूटे पटाखे से दूरी बनाए रखें और उसके साथ छेड़छाड़ न करें।
पटाखे जलाते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान
- पानी की व्यवस्था रखें: आतिशबाजी वाली जगह पर पानी उपलब्ध रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।
- बच्चों को अकेला न छोड़ें: बच्चों को पटाखे जलाते समय हमेशा किसी जिम्मेदार बड़े व्यक्ति की निगरानी में रखें।
- कपड़ों का रखें ध्यान: आतिशबाजी के दौरान सूती कपड़े पहनें। ऐसे कपड़ों से बचें जिनमें आग तेजी से पकड़ने का खतरा हो।
- पटाखों से पर्याप्त दूरी रखें: पटाखा जलाने के बाद उससे दूर हट जाएं। अगर वह नहीं फूटता है तो उसके पास जाकर दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
पटाखे से जलने पर तुरंत करें ये काम
डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, पटाखे से जलने की स्थिति में सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साफ, ठंडे बहते पानी के नीचे रखना चाहिए। इसे कम से कम 15 से 20 मिनट तक ठंडा करने की सलाह दी गई है।
इससे जले हुए हिस्से की गर्मी कम करने में मदद मिलती है। चोट की गंभीरता को देखते हुए समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना भी जरूरी है।
जले हुए हिस्से पर नारियल तेल या घरेलू चीजें न लगाएं
डॉ. प्रभात कुमार ने सलाह दी है कि जलने पर प्रभावित स्थान पर नारियल तेल या अन्य घरेलू चीजें लगाने से बचें। सबसे पहले जले हुए हिस्से को ठंडे बहते पानी से ठंडा करें।
अगर चोट गंभीर है, तो घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में पहुंचें।
दीपावली पर रिम्स में उपलब्ध रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं
डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि दीपावली के दौरान पटाखों से जलने या अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में रिम्स में इमरजेंसी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि गंभीर चोट या जलने की स्थिति में घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय समय पर अस्पताल पहुंचें।
सावधानी से मनाएं दीपावली
दीपावली की खुशियां सुरक्षित रखने के लिए आतिशबाजी के दौरान सतर्कता जरूरी है। बच्चों को निगरानी में रखें, पटाखों से उचित दूरी बनाए रखें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में सही प्राथमिक उपचार अपनाएं। थोड़ी सी सावधानी से त्योहार को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
BHARATSUPERFASTNEWS
