पटना, 4 नवंबर 2026। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। छठ महापर्व से पहले लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बकाया वेतन का भुगतान हर हाल में छठ से पहले किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छठ से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा बकाया वेतन
बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में वेतन भुगतान, शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन, विद्यालयों की व्यवस्था, सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
मंत्री ने निर्देश दिया कि लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत शिक्षक और मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में
बैठक में बताया गया कि बिहार में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाना है। इनमें से लगभग 2.40 लाख प्रमाण पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है। अब तक की जांच में 1,700 शिक्षक कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने शेष प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने और जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पांच प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से दर्ज नहीं कर रहे उपस्थिति
शिक्षकों की उपस्थिति का मुद्दा भी समीक्षा बैठक में उठा। अधिकारियों के अनुसार, करीब पांच प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं।
इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और अपर मुख्य सचिव को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उपस्थिति दर्ज करने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के कर्मियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया गया।
स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी लगाने पर जोर
विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति पर शिक्षा मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को स्कूलों की स्वच्छता के लिए SOP तैयार करने का निर्देश दिया।
स्कूलों में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों या उच्चस्तरीय निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से सुरक्षा गार्ड तैनात करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों सहित सभी विद्यालयों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों की वेतन विसंगतियां होंगी दूर
बैठक में शिक्षकों की सात श्रेणियों से जुड़ी वेतन विसंगतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रधान शिक्षकों को पे-प्रोटेक्शन का लाभ मिलने में परेशानी आ रही है।
शिक्षा मंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा, ताकि पात्र प्रधान शिक्षकों को नियमानुसार पे-प्रोटेक्शन का लाभ मिल सके।
वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिलों में सामने आ रही वित्तीय गड़बड़ियों पर मंत्री ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनियमितताओं में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में 65 वर्ष की उम्र पार कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा सेवा में रखने के लिए अधिकतम आयु सीमा 61 वर्ष से बढ़ाकर 64 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में अंतिम निर्णय की जानकारी बैठक के विवरण में नहीं दी गई।
स्कूलों में महापुरुषों की तस्वीरें लगाने का निर्देश
विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गरिमापूर्ण व्यवस्था बनाने के लिए शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्य कक्ष में ‘विद्या ददाति विनयम्’ लिखवाना अनिवार्य करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा स्वामी विवेकानंद की तस्वीरें लगाने को कहा गया।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय निर्माण के लिए जमीन दान करने वाले लोगों के पूर्वजों के नाम स्कूल परिसर में सम्मानपूर्वक अंकित किए जाएं।
248 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा विद्या भवन
समीक्षा बैठक में प्रस्तावित ‘विद्या भवन’ के निर्माण से संबंधित प्रस्तुति भी दी गई। इसके निर्माण पर करीब 248 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शिक्षा मंत्री ने प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने और विभागीय योजनाओं एवं कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव सीके अनिल, सचिव राजीव रौशन, विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार समेत शिक्षा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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