Tuesday, November 3, 2026

सीवान में टीकाकरण के बाद स्वास्थ्य समस्याओं की होगी विशेषज्ञ जांच, 9 डॉक्टरों की कमेटी का होगा गठन

Share

Bihar News | सीवान | 3 नवंबर 2026

बिहार के सीवान समेत सभी जिलों में टीकाकरण के बाद सामने आने वाली प्रतिकूल स्वास्थ्य घटनाओं की जांच और समीक्षा के लिए जिला स्तरीय कमेटियों का पुनर्गठन किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। नई कमेटी में नौ अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ स्वास्थ्य विभाग और दवा नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य टीकाकरण के बाद किसी व्यक्ति में असामान्य स्वास्थ्य समस्या सामने आने पर उसकी व्यवस्थित जांच करना, संभावित कारणों का आकलन करना और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

2024 की संशोधित गाइडलाइन के आधार पर होगा पुनर्गठन

राज्य स्वास्थ्य समिति ने केंद्र सरकार की वर्ष 2024 में संशोधित एईएफआई (Adverse Events Following Immunization) सर्विलांस एंड रिस्पॉन्स ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार सभी जिलों की मौजूदा कमेटियों को नए सिरे से गठित करने का निर्देश दिया है।

इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारियों को पत्र भेजा है।

निर्देश के मुताबिक, जिला स्तर पर गठित कमेटी में चिकित्सा क्षेत्र के अलग-अलग विशेषज्ञों के साथ संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

कमेटी में होंगे नौ अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञ

नई जिला स्तरीय कमेटी में नौ स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों को सदस्य बनाया जाएगा। इनमें शामिल होंगे:

  • शिशु रोग विशेषज्ञ
  • जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ
  • मेडिकल एपिडेमियोलॉजिस्ट
  • मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट
  • फिजिशियन
  • हृदय रोग विशेषज्ञ
  • स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
  • पैथोलॉजिस्ट
  • फॉरेंसिक विशेषज्ञ

इसके अलावा ड्रग अथॉरिटी, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम और जिला स्तरीय क्वालिटी एश्योरेंस सेल के प्रतिनिधियों को भी कमेटी में जगह दी जाएगी।

जरूरत के अनुसार इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ और अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा सकेगा। नगर निकायों, शहरी स्थानीय निकायों, ईएसआई अस्पतालों और उपलब्ध होने पर एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर के प्रतिनिधियों को शामिल करने का भी प्रावधान है।

हर महीने होगी बैठक, सेफ-वैक पोर्टल पर दर्ज होंगे मामले

राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के अनुसार, पुनर्गठित कमेटी की बैठक हर महीने या आवश्यकता पड़ने पर आयोजित की जाएगी। बैठक में टीकाकरण के बाद सामने आई प्रतिकूल घटनाओं की समीक्षा की जाएगी और उनके संभावित कारणों का आकलन किया जाएगा।

कमेटी को संबंधित मामलों में जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ समीक्षा रिपोर्ट भारत सरकार के सेफ-वैक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। कमेटी के सदस्यों की सूची भी निर्धारित प्रारूप में नियमित प्रतिरक्षण कोषांग को भेजने का निर्देश दिया गया है।

डीएम की मंजूरी के बाद अंतिम होगी सदस्यों की सूची

सीवान के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, मंगलवार को डीब्ल्यूआर की बैठक प्रस्तावित है। इसमें राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के मुताबिक कमेटी के लिए संभावित अधिकारियों और विशेषज्ञों की सूची तैयार की जाएगी।

इसके बाद जिलाधिकारी की मंजूरी मिलने पर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के अधिकांश प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय कमेटियों का गठन पहले ही किया जा चुका है।

टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी पर जोर

नई व्यवस्था से टीकाकरण के बाद सामने आने वाली स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की जांच में विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ेगी। इससे मामलों की समीक्षा अधिक व्यवस्थित तरीके से करने और आवश्यक कदम तय करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, टीकाकरण के बाद किसी स्वास्थ्य समस्या का सामने आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि समस्या टीके के कारण ही हुई है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ जांच के जरिए संभावित कारणों का आकलन किया जाता है।

Bharat Superfast News | Siwan Desk

Read more

Local News