मुंबई | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 718 अंक से अधिक की बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 0.73 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक बाजारों से जुड़े घटनाक्रमों को इस तेजी के संभावित कारणों में शामिल किया गया।
बाजार खुलने के समय ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे अधिक बढ़त देखने को मिली, जबकि निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी गिरावट के साथ खुले।
सेंसेक्स 718 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी में 0.73% की तेजी
सोमवार को बाजार खुलने के समय प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- बीएसई सेंसेक्स: 75,178.24 अंक पर खुला, 718.71 अंक यानी 0.97% की बढ़त।
- एनएसई निफ्टी 50: 23,222.30 अंक पर खुला, 169.20 अंक यानी 0.73% की तेजी।
शुरुआती कारोबार में बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद सूचकांकों की दिशा और दिनभर का प्रदर्शन अलग हो सकता है।
कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बाजार को सहारा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश विशेषज्ञ वी.के. विजयकुमार के अनुसार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को समर्थन दिया।
उनके मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमत पिछले सप्ताह के लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से घटकर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। इससे तेल आयात करने वाले भारत जैसे देशों के लिए कुछ राहत की संभावना बनी।
इसके अलावा, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट को भी बाजार के लिए सकारात्मक कारक बताया गया। बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर वैश्विक निवेश प्रवाह और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
AI शेयरों में कमजोरी का भारतीय बाजार पर संभावित असर
वैश्विक बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी भी चर्चा में रही। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले शुक्रवार को अमेरिकी नैस्डैक इंडेक्स में 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
विशेषज्ञ विजयकुमार ने कहा कि AI से जुड़े शेयरों में निवेश की धारणा कमजोर पड़ने से भारतीय बाजार को कुछ लाभ मिल सकता है। भारत के शेयर बाजार को कुछ विश्लेषणों में AI-केंद्रित निवेश से अलग अवसरों वाले बाजार के रूप में देखा जाता है।
हालांकि, वैश्विक तकनीकी शेयरों में उतार-चढ़ाव का भारतीय बाजार पर वास्तविक प्रभाव कई अन्य आर्थिक और निवेश संबंधी कारकों पर भी निर्भर करता है।
NSE के सेक्टोरल इंडेक्स में ऑयल एंड गैस सबसे आगे
सोमवार को एनएसई के ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ खुले। प्रमुख क्षेत्रों का शुरुआती प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
| सेक्टोरल इंडेक्स | शुरुआती बदलाव |
|---|---|
| निफ्टी ऑयल एंड गैस | +2.60% |
| निफ्टी ऑटो | +0.94% |
| निफ्टी आईटी | +0.73% |
| निफ्टी पीएसयू बैंक | +0.46% |
| निफ्टी फार्मा | +0.40% |
| निफ्टी हेल्थकेयर | +0.30% |
| निफ्टी रियल्टी | -0.54% |
| निफ्टी मीडिया | -0.58% |
आंकड़ों के मुताबिक, ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, मीडिया और रियल्टी इंडेक्स गिरावट के साथ खुले।
घरेलू आर्थिक संकेतकों पर भी निवेशकों की नजर
विशेषज्ञ ने अक्टूबर में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट वृद्धि और मजबूत जीएसटी संग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आंकड़े घरेलू अर्थव्यवस्था में गतिविधियों की मजबूती के संकेत देते हैं।
इसके साथ ही, आगामी केंद्रीय बजट में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में संभावित बदलावों को लेकर बाजार की उम्मीदों का भी जिक्र किया गया। हालांकि, टैक्स में बदलाव या उसे समाप्त किए जाने की संभावना को लेकर कोई निर्णय मानकर नहीं चलना चाहिए। इस तरह के किसी भी बदलाव की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
सोने में मामूली तेजी, चांदी 1.81 लाख रुपये के पार
कमोडिटी बाजार में रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय ब्रेंट क्रूड करीब 110 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
पिछले सप्ताह गिरावट के बाद सोने की कीमतों में मामूली तेजी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,38,920 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹1,81,647 प्रति किलोग्राम
- ब्रेंट क्रूड: लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल
ये कीमतें संबंधित रिपोर्ट के समय की बताई गई हैं। सोने, चांदी और कच्चे तेल के भाव में बाजार के दौरान बदलाव हो सकता है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। कुछ प्रमुख सूचकांकों में बढ़त रही, जबकि अन्य गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
| एशियाई सूचकांक | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| जापान का निक्केई 225 | 63,380 | +0.04% |
| हांगकांग का हैंग सेंग | 23,345 | +0.22% |
| दक्षिण कोरिया का कोस्पी | 5,861 | +2.23% |
| सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स | 5,288 | -1.64% |
| ताइवान वेटेड इंडेक्स | 44,903 | -0.68% |
इस तरह, एशियाई बाजारों में एक समान रुझान नहीं रहा। कुछ बाजारों में तेजी ने सकारात्मक संकेत दिए, जबकि अन्य में गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है बाजार की तेजी?
सोमवार को बाजार की मजबूत शुरुआत के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और घरेलू आर्थिक संकेतकों जैसे कई कारकों का उल्लेख किया गया।
हालांकि, केवल शुरुआती तेजी के आधार पर पूरे कारोबारी दिन या आगे के बाजार रुझान का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक घटनाक्रम और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
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