पटना | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के पहनावे को लेकर शिक्षा विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। विभाग के आदेश के मुताबिक, अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी केवल औपचारिक पोशाक में ही विद्यालय आएंगे। स्कूल परिसर में जींस और टी-शर्ट पहनकर आने पर रोक लगाई गई है।
शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव (ACS) आईएएस अधिकारी सीके अनिल ने शुक्रवार को इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र जारी किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं।
शिक्षकों के लिए औपचारिक ड्रेस कोड लागू
विभाग के निर्देश के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ-साथ गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को भी औपचारिक कपड़ों में स्कूल आना होगा। जींस और टी-शर्ट को इस ड्रेस कोड के अनुरूप नहीं माना गया है।
इस आदेश का उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासित और पेशेवर कार्य वातावरण बनाए रखना बताया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशों की जानकारी संबंधित स्कूलों तक पहुंचाने और अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकारी स्कूलों में AI के इस्तेमाल को भी मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विभाग केवल प्रशासनिक अनुशासन ही नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के उपयोग को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है।
इसके तहत विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों तथा कर्मचारियों को AI आधारित टूल्स के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इनकी मदद से रोजमर्रा के कार्यालयी कार्यों को आसान बनाने, समय बचाने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से भी इस संबंध में योजना तैयार करने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार कर्मचारियों के तबादले की तैयारी
बिहार शिक्षा विभाग के जिला और क्षेत्रीय कार्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के तबादले की भी तैयारी चल रही है। प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे कर्मचारियों को दूसरे स्थानों पर भेजा जा सकता है, जो पिछले 10 वर्षों से एक ही कार्यालय या जगह पर कार्यरत हैं।
इस प्रक्रिया के तहत करीब 10 हजार कर्मचारियों के तबादले की संभावना जताई गई है। इसके लिए राज्यस्तरीय कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मौजूदा नियमावली में बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि, तबादलों को लेकर अंतिम आदेश और विस्तृत प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
सीके अनिल को सौंपी गई है शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी
बिहार सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद विभागीय व्यवस्था, कर्मचारियों के अनुशासन और तकनीकी उपयोग से जुड़े निर्देश सामने आए हैं।
सीके अनिल पूर्व में सीवान के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान उनकी प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर राज्य में चर्चा हुई थी।
Bharat Superfast News
