धनबाद | 30 अक्टूबर 2026
भारत को रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में वैज्ञानिकों ने मंथन शुरू कर दिया है। इसी उद्देश्य से धनबाद स्थित आईआईटी-आईएसएम के पेनमैन ऑडिटोरियम में शुक्रवार को इंडियन काउंसिल ऑफ केमिस्ट्स (ICC) के 45वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन के साथ क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर विशेष सिम्पोजियम भी हो रहा है। यह आयोजन संस्थान के शताब्दी वर्ष समारोह का हिस्सा है।
चीन पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी तकनीक पर जोर
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि और CSIR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद के पूर्व निदेशक प्रो. जे. एस. यादव ने कहा कि भारत में रेयर अर्थ तत्वों के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं, इसके बावजूद देश को अपनी जरूरतों के लिए खासकर चीन से आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।
उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स के प्रसंस्करण के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही वैज्ञानिकों से ऐसे शोध पर ध्यान देने की अपील की, जिनका लाभ उद्योग और समाज तक पहुंच सके।
प्रो. यादव ने खनन, औद्योगिक अपशिष्ट और रेडियोएक्टिव कचरे से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान खोजने को भी महत्वपूर्ण बताया।
युवा वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण देने की जरूरत
विशिष्ट अतिथि और बेंगलुरु स्थित जेएनसीएएसआर की मानद प्रोफेसर प्रो. हिरियाक्कनवर इला ने युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मटेरियल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करना जरूरी है।
IIT-ISM में 20 करोड़ रुपये के शोध प्रोजेक्ट
संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. सरत कुमार दास ने आईआईटी-आईएसएम की 100 वर्षों की शैक्षणिक और शोध परंपरा का उल्लेख किया।
डीन प्रो. केका ओझा ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ देश की आर्थिक प्रगति, स्वच्छ ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं। इनके विकास में रसायन विज्ञानियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वहीं, केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सागर पाल ने बताया कि विभाग में सरकारी और औद्योगिक वित्तपोषण से लगभग 20 करोड़ रुपये के शोध प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं।
तीन दिनों तक शोध और तकनीकी विषयों पर चर्चा
सम्मेलन में रसायन विज्ञान की चार प्रमुख शाखाओं—एनालिटिकल एंड एनवायरनमेंटल, इनऑर्गेनिक, ऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री—पर व्याख्यान, शोध प्रस्तुतियां और पोस्टर सत्र आयोजित होंगे।
इसके समानांतर होने वाले विशेष सिम्पोजियम में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ के अन्वेषण, निष्कर्षण, प्रसंस्करण और टिकाऊ उपयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
उद्घाटन समारोह में कॉन्फ्रेंस एब्स्ट्रैक्ट बुक का विमोचन किया गया। अतिथियों को सम्मानित करने के साथ पुरस्कार वितरण भी हुआ। इस दौरान इंडियन काउंसिल ऑफ केमिस्ट्स के संस्थापक दिवंगत डॉ. जी. सी. सक्सेना को श्रद्धांजलि दी गई।
BHARATSUPERFASTNEWS
