गिरिडीह | 30 अक्टूबर 2026
झारखंड के गिरिडीह में जमीन विवाद के बीच 75 वर्षीय मनजीत सिंह बग्गा पर हुए कथित हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद भाजपा नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी मर्सी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने घायल मनजीत सिंह बग्गा से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मरांडी ने शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए।
कानून-व्यवस्था पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
अस्पताल में घायल से मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह में हुई घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि जब शहर के भीतर इस तरह की वारदात हो रही है, तो सरकार और प्रशासन कानून-व्यवस्था को किस तरह संभाल रहे हैं।
मरांडी ने यह भी कहा कि घायल व्यक्ति झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
जमीन विवाद से जुड़ा है मामला
यह घटना गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मनजीत सिंह बग्गा के अनुसार, यादव होटल के समीप स्थित उनका पुश्तैनी मकान पारिवारिक बंटवारे के बाद उनके हिस्से में आया था। आरोप है कि एक रिश्तेदार ने विवादित जमीन कारोबारी धर्मेंद्र शर्मा को बेच दी। संपत्ति से संबंधित मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित बताया जा रहा है।
घर में घुसकर हमला करने का आरोप
मनजीत सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि बीते सोमवार की देर रात करीब 12 बजे के बाद धर्मेंद्र शर्मा, उसका भाई सुधीर शर्मा और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे। उनके मुताबिक, दरवाजा खोलते ही आरोपी कथित तौर पर जबरन घर में घुस आए और रॉड से हमला कर दिया।
इस घटना में बग्गा को गंभीर चोटें आईं। उनके कंधे की हड्डी टूटने की बात भी सामने आई है। फिलहाल उनका मर्सी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
घायल के परिवार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि हमलावरों ने उनकी पत्नी और बहन के मोबाइल फोन छीन लिए और दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया।
स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंपा
घटना की जानकारी मिलने पर मनजीत सिंह बग्गा के बेटे नमन सिंह बग्गा के दोस्त और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद कथित हमलावर वहां से भागने लगे। इस दौरान लोगों ने सलीमउद्दीन अंसारी नामक एक व्यक्ति को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
नमन सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों ने हमला किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
घटना और हमले से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। जमीन विवाद से शुरू हुआ यह प्रकरण अब कानून-व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
अब निगाहें पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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