Ranchi News | 29 October 2026: झारखंड में टैक्स चोरी रोकने और सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने जा रही है। इसके लिए अगले छह महीने में इंटीग्रेटेड रेवेन्यू इंटेलिजेंस सिस्टम (IRIS) विकसित किया जाएगा। इस सिस्टम के जरिए राजस्व से जुड़े विभिन्न विभागों के ऑनलाइन पोर्टल को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
छह महीने में तैयार होगा IRIS सिस्टम
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में वित्त एवं वाणिज्य-कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति में इस परियोजना को लेकर समझौता हुआ। वाणिज्य-कर विभाग और चयनित एजेंसी चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
वाणिज्य-कर सचिव अमित कुमार के अनुसार, IRIS प्रणाली को छह महीने के भीतर विकसित किया जाएगा और इसके बाद तीन वर्षों तक इसका संचालन किया जाएगा।
AI और बिजनेस इंटेलिजेंस से होगी निगरानी
नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इनके माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों के डेटाबेस का विश्लेषण कर संभावित कर चोरी और राजस्व संबंधी गड़बड़ियों की पहचान की जाएगी।
इससे संबंधित विभागों को संदिग्ध मामलों की जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
इन विभागों के पोर्टल होंगे एकीकृत
IRIS सिस्टम के तहत राज्य के कई प्रमुख विभागों के ऑनलाइन पोर्टल को आपस में जोड़ने की योजना है। इनमें शामिल हैं:
- वाणिज्य-कर विभाग: GSTN पोर्टल
- खान विभाग: JIMMS पोर्टल
- परिवहन विभाग: वाहन पोर्टल
- कार्य विभाग: VAMIS पोर्टल
- राजस्व विभाग: भूमि पंजीकरण पोर्टल
- नगर विकास विभाग: प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस पोर्टल
- श्रम विभाग: लेबर सेस से संबंधित पोर्टल
- उत्पाद विभाग: संबंधित राजस्व पोर्टल
- ऊर्जा विभाग: बिजली बिल से संबंधित पोर्टल
इन विभागों के डेटा को एकीकृत करने से राजस्व की निगरानी और वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने में आसानी होगी।
केंद्र की नीतियों से 22 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण झारखंड को लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एमएमडीआर एक्ट के कारण करीब 14 हजार करोड़ रुपये और जीएसटी सुधारों तथा मनरेगा अनुदान में कमी के कारण लगभग 4-4 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हो रही है।
वित्त मंत्री के अनुसार, खनिजों के दोहन और परिवहन से सड़कों, वन क्षेत्रों तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की भरपाई भी राज्य को अपने संसाधनों से करनी पड़ रही है।
झारखंड को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की तैयारी
राज्य सरकार का मानना है कि IRIS सिस्टम लागू होने से राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया मजबूत होगी। विभिन्न विभागों के बीच डेटा साझा होने से कर चोरी की पहचान करना और संभावित अनियमितताओं पर कार्रवाई करना आसान हो सकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस परियोजना को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Bharat Superfast News | 29 अक्टूबर 2026: झारखंड में अगले छह महीने में IRIS सिस्टम विकसित करने की योजना है। AI आधारित यह प्रणाली सरकारी विभागों के डेटा का विश्लेषण कर कर चोरी रोकने और राजस्व संग्रहण बढ़ाने में मदद करेगी।
