Thursday, October 29, 2026

झारखंड के 19 जिलों में स्कूल-कॉलेजों को अब तक नहीं मिला अनुदान, DEO को तीन दिन का अल्टीमेटम

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रांची | 29 अक्टूबर 2026 | BharatSuperFastNews

झारखंड में वित्त रहित स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को अनुदान राशि के भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। विभागीय निर्देशों के बावजूद राज्य के 19 जिलों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत अनुदान राशि संबंधित संस्थानों के खातों में हस्तांतरित नहीं की गई है। इस पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नाराजगी जताई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने संबंधित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को तीन दिनों के भीतर भुगतान पूरा करने का निर्देश दिया है। आदेश का पालन नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

15 अक्टूबर तक भुगतान करने का था निर्देश

विभागीय जानकारी के अनुसार, अपील आवेदनों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय अनुदान समिति से स्वीकृत राशि 6 अक्टूबर को ही जिलों को उपलब्ध करा दी गई थी। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 15 अक्टूबर तक संबंधित शैक्षणिक संस्थानों के खातों में राशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया था।

इसके बावजूद अधिकांश जिलों में भुगतान पूरा नहीं हुआ। मामला सामने आने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर नाराजगी जताई।

केवल पांच जिलों में हुआ अनुदान का भुगतान

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक केवल पांच जिलों में स्वीकृत अनुदान राशि संस्थानों को दी गई है। इनमें शामिल हैं:

  • रामगढ़
  • हजारीबाग
  • सिमडेगा
  • धनबाद
  • पूर्वी सिंहभूम

इनके अलावा शेष 19 जिलों में अनुदान राशि का भुगतान लंबित बताया गया है। विभाग ने इसे पहले जारी किए गए निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही माना है।

तीन दिन में भुगतान पूरा करने का अल्टीमेटम

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने लंबित भुगतान वाले जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अनुदान राशि वितरित करने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि समय पर भुगतान होने से शैक्षणिक संस्थान उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान का आवेदन कर सकेंगे।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

वित्त रहित शिक्षा संघर्ष मोर्चा ने उठाया था मुद्दा

बुधवार को वित्त रहित शिक्षा संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने विभागीय सचिव के समक्ष अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया था। मोर्चा ने अनुदान में 75 प्रतिशत वृद्धि करने और वित्त रहित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने की मांग पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

मोर्चा ने विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए उसे लागू करने की मांग की। इस पर विभागीय सचिव ने कहा कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को पूरा किया जाएगा, हालांकि इसके लिए कुछ नीतिगत निर्णय लेने होंगे।

अब लंबित भुगतान पर विभाग की नजर

विभाग के निर्देश के बाद अब संबंधित जिलों में अनुदान वितरण की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। तीन दिनों की निर्धारित समयसीमा में भुगतान पूरा होता है या नहीं, यह महत्वपूर्ण होगा। अनुदान राशि मिलने से संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष: झारखंड के 19 जिलों में अनुदान भुगतान लंबित रहने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को तीन दिनों में भुगतान पूरा करने का निर्देश दिया गया है और आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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