रांची | 29 अक्टूबर 2026 | BharatSuperFastNews
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली और मार्च को सफल बनाने के लिए पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं से संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी कड़ी में झारखंड के पांच नेताओं को भी विभिन्न राज्यों में पार्टी की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भेजा गया है।
इन नेताओं में बेरमो विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह, कांग्रेस के पूर्व सांसद अजय कुमार, झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये नेता संबंधित राज्यों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं और रैली में भागीदारी की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
अनूप सिंह को बिहार के पांच जिलों की जिम्मेदारी
बेरमो के विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह को बिहार में पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें मुंगेर, लखीसराय, जमुई और बांका समेत पांच जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों का जायजा लेना है।
बताया गया है कि अनूप सिंह पिछले तीन दिनों से बिहार में कैंप कर रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं और दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर तैयारियों की जानकारी ले रहे हैं।
जमशेदपुर के पूर्व कांग्रेस सांसद अजय कुमार को भी बिहार के कई जिलों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय संगठन के साथ समन्वय स्थापित कर रैली की तैयारियों को गति देना है।
राजेश ठाकुर छत्तीसगढ़ में संभाल रहे मोर्चा
झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को छत्तीसगढ़ भेजा गया है। वे पिछले तीन दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के साथ रैली की तैयारियों की समीक्षा भी की जा रही है।
29 अक्टूबर को राजेश ठाकुर छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान में आयोजित शहीदों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नागालैंड में तैयारी कर रहे बन्ना गुप्ता
झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को नागालैंड में पार्टी की तैयारियों की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वे वहां के स्थानीय कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और 1 नवंबर की रैली को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों में जुटे हैं।
कांग्रेस ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपने नेताओं को जिम्मेदारी देकर रैली के लिए व्यापक स्तर पर संपर्क अभियान चलाने की रणनीति अपनाई है।
रामलीला मैदान से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी
कांग्रेस की योजना दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली और मार्च के जरिए देशभर में राजनीतिक संदेश देने की है। इसके लिए पार्टी विभिन्न राज्यों में कार्यकर्ताओं से संपर्क और तैयारियों की समीक्षा कर रही है।
रैली में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर बैठकों और संगठनात्मक समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। झारखंड के नेताओं को दूसरे राज्यों में भेजना भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में विशेष ट्रेन को लेकर विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से रैली में शामिल होने के लिए विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। बताया गया है कि रेलवे ने पहले विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया।
इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद की स्थिति बनी है। हालांकि, रेलवे के आदेश को वापस लेने के कारणों और इस संबंध में आधिकारिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
निष्कर्ष
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस रैली के लिए पार्टी ने देशभर में तैयारियां तेज कर दी हैं। झारखंड के नेताओं को बिहार, छत्तीसगढ़ और नागालैंड जैसे राज्यों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनूप सिंह बिहार में, राजेश ठाकुर छत्तीसगढ़ में और बन्ना गुप्ता नागालैंड में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। अब रैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और आयोजन का राजनीतिक प्रभाव महत्वपूर्ण रहेगा।
