Thursday, October 29, 2026

बिहार में 15 हजार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द, दोबारा पकड़े जाने पर जब्त हो सकता है वाहन

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Bihar News | 29 अक्टूबर 2026 | BharatSuperFastNews

पटना: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 15 हजार वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई की जा चुकी है। जिन चालकों का लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द है, यदि वे फिर से वाहन चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो उनके वाहन को जब्त किया जा सकता है।

इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं, पैदल यात्रियों की सुविधा और स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई।

15 दिनों के भीतर लाइसेंस निलंबन की अनुशंसाओं पर कार्रवाई

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए मिली अनुशंसाओं पर 15 दिनों के अंदर नियमानुसार निर्णय लिया जाए। उन्होंने यातायात नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया।

निर्देश के मुताबिक, लाइसेंस निलंबन और रद्द करने से संबंधित लंबित मामलों में तेजी लाने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी भी मजबूत की जाएगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

गुरुवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की कार्यपालक समिति की बैठक हुई। इसमें सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, यातायात नियमों के अनुपालन और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में परिवहन, पथ निर्माण, गृह, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, शिक्षा और नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रतिनिधियों के अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी भी शामिल हुए। संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य समय पर पूरा करने और उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।

बिहार में 5,124 जेबरा क्रॉसिंग तैयार

सड़क पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए जेबरा क्रॉसिंग बनाने और पुराने निशानों को दोबारा पेंट करने का काम भी किया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पथ निर्माण विभाग और NHAI की ओर से राज्य में अब तक कुल 5,124 जेबरा क्रॉसिंग का निर्माण या पुनः पेंटिंग पूरी की जा चुकी है।

इसके अलावा 161 जेबरा क्रॉसिंग पर काम चल रहा है, जबकि 1,060 के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।

474 व्हीकल अंडरपास और 170 पैदल यात्री अंडरपास पूरे

वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बैठक में दी गई जानकारी के मुताबिक, राज्य में अब तक 474 व्हीकल अंडरपास (VUP) का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 219 अंडरपास निर्माणाधीन हैं और 11 प्रस्तावित हैं।

पैदल यात्रियों के लिए कुल 170 पैदल यात्री अंडरपास (PUP) तैयार किए जा चुके हैं। इनमें पथ निर्माण विभाग ने 30 और NHAI ने 140 अंडरपास बनाए हैं। इसके अतिरिक्त NHAI के तहत 27 पैदल यात्री अंडरपास का निर्माण जारी है।

8,547 स्कूल बसों पर लिखी गई बैठने की क्षमता

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में निर्धारित बैठने की क्षमता प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया। राज्य में कुल 9,162 स्कूल बसों में से 8,547 पर बैठने की क्षमता का उल्लेख किया जा चुका है।

बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि जिन स्कूल बसों पर अभी तक क्षमता प्रदर्शित नहीं की गई है, वहां भी यह काम जल्द पूरा कराया जाए। इसका उद्देश्य बसों में तय संख्या से अधिक बच्चों को बैठाने की समस्या पर नियंत्रण और सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देना है।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

सड़क सुरक्षा से संबंधित इस बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, ट्रैफिक एडीजी सुधांशु सिंह, परिवहन सचिव राज कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में लाइसेंस निलंबन और रद्द करने की कार्रवाई से लेकर सड़क पर सुरक्षा सुविधाओं के विकास तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय प्रयासों में तेजी लाने पर जोर दिया।

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