Thursday, October 29, 2026

झारखंड में बच्चों के दिल की बीमारी का मुफ्त इलाज! लातेहार में आज और रांची में कल लगेगा कैंप.

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रांची: झारखंड में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के लातेहार और रांची जिले में बच्चों की हृदय संबंधी बीमारियों की जांच के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लातेहार में 29 अक्टूबर और रांची में 30 अक्टूबर को कैंप लगाया जाएगा। इसमें 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर आगे के इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था की जा सके।

लातेहार में आज, रांची में कल लगेगा कैंप

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लातेहार में 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक टाउन हॉल में निःशुल्क जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। यह स्थान पुलिस लाइन के नजदीक है।

वहीं, रांची में 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रिम्स ऑडिटोरियम में कैंप लगाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को लेकर शिविर में पहुंचें। इससे बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर आगे के उपचार की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलेगी।

दिल में छेद समेत इन बीमारियों की होगी जांच

शिविर में बच्चों में होने वाली विभिन्न जन्मजात हृदय संबंधी समस्याओं की जांच की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD): दिल के ऊपरी कक्षों के बीच छेद होना।
  • वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD): दिल के निचले कक्षों के बीच छेद होना।
  • पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA): जन्म के बाद हृदय की एक रक्त वाहिका का खुला रह जाना।

जांच के बाद चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार बच्चों को आगे के उपचार और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अभियान में अमृता अस्पताल की चिकित्सा टीम सहयोग कर रही है।

रजिस्ट्रेशन और जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क

शिविर में पंजीकरण, जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारियों के लिए अभिभावक संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

  • मुकेश कुमार (RBSK राज्य समन्वयक): 6205524109
  • आदित्य कुमार: 6287972253
  • स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 104

इसके अलावा, अभिभावक संबंधित जिले के सिविल सर्जन कार्यालय या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

शिविर में जाने से पहले फोन पर पंजीकरण की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

जांच से लेकर ऑपरेशन तक मिलेगी सहायता

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस अभियान के तहत पात्र बच्चों को निःशुल्क जांच, उपचार और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बच्चों और उनके अभिभावकों के आने-जाने, अस्पताल में रहने और भोजन की व्यवस्था में भी सहायता दी जाएगी।

इसके साथ ही ऑपरेशन के बाद बच्चों के फॉलो-अप और घर वापसी तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और अमृता अस्पताल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

इस साल 300 से अधिक बच्चों का हो चुका है मुफ्त ऑपरेशन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस साल झारखंड के 300 से अधिक बच्चों को जन्मजात हृदय रोग के उपचार के लिए अमृता अस्पताल, कोच्चि और सत्य साई अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया था। वहां इन बच्चों की निःशुल्क सर्जरी कराई गई।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित रह जाने वाले बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने की अभिभावकों से अपील

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज में आर्थिक परेशानी बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार जरूरतमंद बच्चों की जांच, उपचार और ऑपरेशन के लिए सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा बच्चा है, जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा है, तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं।

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