28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में बुधवार को विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) की बैठक आयोजित की गई। परिसदन भवन में हुई इस बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों के वित्तीय प्रबंधन, आय-व्यय और लेखा संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। समिति ने अधिकारियों से लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए सरकारी राशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता बरही विधायक और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने की। इस दौरान मनोहरपुर विधायक जगत मांझी और बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव भी मौजूद रहे।
विभागवार वित्तीय मामलों की हुई समीक्षा
बैठक में समिति ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग विभागों के वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित मामलों की जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के दौरान सरकारी आय-व्यय, लेखा परीक्षण और सरकारी धन के उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों के मूल्यांकन, वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कार्रवाई और लेखा परीक्षण में दर्ज आपत्तियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से इन मामलों में अद्यतन रिपोर्ट और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।
राशि की वसूली और लंबित मामलों पर चर्चा
लोक लेखा समिति की बैठक में सरकारी राशि की वसूली से जुड़े मामलों पर भी ध्यान दिया गया। इसके साथ ही प्रपत्र-क के गठन, विभागीय कार्रवाई, सर्टिफिकेट केस और नीलामी से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की गई।
समिति ने संबंधित विभागों से लंबित मामलों का विवरण लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने और आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करने के निर्देश
बैठक के दौरान समिति ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित लेखा कंडिकाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही, लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और लेखा संबंधी आपत्तियों का निर्धारित समयसीमा में निपटारा करने की आवश्यकता बताई गई।
वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। समिति का उद्देश्य विभागीय वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करना और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना है।
वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही पर जोर
लोक लेखा समिति ने सरकारी विभागों में वित्तीय अनुशासन का प्रभावी ढंग से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा और लंबित आपत्तियों के निपटारे को प्राथमिकता दें।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना और वित्तीय प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बनाए रखना जरूरी है।
निष्कर्ष: हजारीबाग में आयोजित लोक लेखा समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के वित्तीय मामलों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निष्पादन, लेखा आपत्तियों के निपटारे और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
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