Wednesday, October 28, 2026

Ranchi News: रांची के 14 इलाकों में PNG नेटवर्क बढ़ाएगा GAIL, 6 महीने में 40 हजार घरों को जोड़ने की तैयारी.

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28 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में पाइपलाइन के जरिए घरेलू रसोई गैस पहुंचाने की सुविधा का विस्तार करने की तैयारी है। गेल (इंडिया) लिमिटेड अगले छह महीनों में करीब 40 हजार अतिरिक्त घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रहा है। इसके लिए शहर और आसपास के 14 इलाकों को चिह्नित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल रांची में लगभग 35 हजार घरों तक PNG कनेक्शन पहुंच चुका है।

कंपनी की योजना के तहत नेटवर्क का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके साथ ही वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की उपलब्धता बढ़ाने और पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

रांची के इन 14 इलाकों में बढ़ेगा PNG नेटवर्क

गेल ने PNG नेटवर्क के विस्तार के लिए रांची के निम्नलिखित इलाकों को चिह्नित किया है:

  • हेहल
  • चुटिया
  • नोवागढ़/नोव नगर
  • काजू बागान
  • पुलिस लाइन
  • लालपुर
  • मेन रोड
  • बहू बाजार
  • वीर कुंवर सिंह कॉलोनी
  • महावीर नगर
  • रांची सेल नगर
  • पहाड़ी मंदिर क्षेत्र
  • किशोरगंज
  • महिलौंग

इन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने और गैस आपूर्ति के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विस्तार करने की योजना है। हालांकि, प्रत्येक इलाके में काम शुरू होने और कनेक्शन उपलब्ध होने की तारीख अलग-अलग हो सकती है।

छह महीने में 40 हजार नए घरों को जोड़ने का लक्ष्य

रांची में फिलहाल करीब 35 हजार घर PNG कनेक्शन से जुड़े बताए जा रहे हैं। गेल की योजना अगले छह महीनों में 40 हजार और घरों तक यह सुविधा पहुंचाने की है।

PNG कनेक्शन के माध्यम से पाइपलाइन से सीधे घरों में प्राकृतिक गैस पहुंचाई जाती है। इससे उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन आधारित विकल्प मिलता है।

कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य रांची में लगभग 1.50 लाख घरों तक PNG सुविधा पहुंचाना बताया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क और संबंधित सुविधाओं का विस्तार जरूरी होगा।

रांची में चार नए CNG स्टेशन बनाने की तैयारी

घरेलू गैस आपूर्ति के साथ-साथ वाहनों के लिए CNG नेटवर्क बढ़ाने की भी योजना है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, रांची में फिलहाल 34 CNG स्टेशन संचालित हैं।

चार नए स्टेशन स्थापित करने के लिए जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, वे हैं:

  1. धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी क्षेत्र
  2. रिंग रोड का गागी चौक
  3. बुढ़मू चौक
  4. तुपुदाना

इसके अलावा, कुछ मौजूदा स्टेशनों को ऑनलाइन CNG स्टेशन में बदलने की योजना भी बताई गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में CNG की उपलब्धता बढ़ सकती है। हालांकि, नए स्टेशनों के निर्माण और संचालन की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

PNG पाइपलाइन के बाद सड़क मरम्मत पर भी जोर

पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद गड्ढे और क्षतिग्रस्त सड़कें स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। रांची में भी इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, गेल के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य जारी रहने या अधूरा होने के दौरान कुछ स्थानों पर गड्ढे खुले रह सकते हैं। काम पूरा होने के बाद उनकी भराई की जाती है। यदि किसी जगह गड्ढा खुला रह जाता है, तो सूचना मिलने पर उसे भरने के लिए टीम भेजने की बात कही गई है।

हालांकि, सड़क की मरम्मत और निर्माण स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सके।

विधानसभा में भी उठ चुका है सड़क का मुद्दा

रांची में पाइपलाइन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बाद सड़कों की स्थिति का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है।

फरवरी 2024 में विधायक सीपी सिंह ने झारखंड विधानसभा में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की खराब स्थिति का मामला उठाया था। इसके बाद जांच के लिए विधानसभा की विशेष समिति बनाने का निर्णय लिया गया।

जून 2024 में समिति ने रांची के विभिन्न इलाकों में पानी की पाइपलाइन और सीवरेज-ड्रेनेज कार्यों के बाद सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जगहों पर मरम्मत अधूरी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला केवल गेल की PNG पाइपलाइन तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य बुनियादी ढांचा कार्य भी इसमें शामिल थे।

अक्टूबर 2026 में जिला प्रशासन ने दिए थे निर्देश

सितंबर 2026 में सीपी सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर त्योहारों से पहले खराब सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की थी। पत्र में पाइपलाइन, सीवरेज-ड्रेनेज कार्यों, गैस पाइपलाइन और बारिश के कारण सड़कों को हुए नुकसान का उल्लेख किया गया था।

वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन ने गेल और उसके ठेकेदारों को पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने, गड्ढे भरने और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।

PNG नेटवर्क का विस्तार करते समय इन निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि गैस कनेक्शन की सुविधा बढ़ने के साथ सड़क सुरक्षा और आवागमन की समस्या भी नियंत्रित रहे।

रांची में PNG और CNG नेटवर्क विस्तार से क्या बदलेगा?

यदि प्रस्तावित योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो अधिक घरों को पाइपलाइन से घरेलू गैस की सुविधा मिल सकती है। वहीं, नए CNG स्टेशन बनने से वाहन चालकों को ईंधन उपलब्धता में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इसका वास्तविक लाभ नेटवर्क विस्तार की गति, कनेक्शन की उपलब्धता, स्टेशन शुरू होने की तारीख और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष: रांची में PNG नेटवर्क को 14 नए क्षेत्रों तक बढ़ाने और अगले छह महीनों में 40 हजार अतिरिक्त घरों को जोड़ने की योजना शहरी गैस आपूर्ति के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। इसके साथ चार नए CNG स्टेशन स्थापित करने की तैयारी भी है। अब यह देखना होगा कि योजनाओं को किस समयसीमा में पूरा किया जाता है और पाइपलाइन कार्यों के बाद सड़कों की मरम्मत कितनी प्रभावी ढंग से होती है।

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