
Patna News: मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार के हर कोने में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर में बनने वाली यह नई सड़क बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात दिलाएगी।
पटना के कंकड़बाग स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की जर्जर सड़कों के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री माननीय नितिन नवीन ने मंगलवार को 1.7 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 12.18 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। इस परियोजना के पूरा होने से लाखों की आबादी को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू होगी।
व्यस्ततम इलाके में बढ़ेगी सुविधाएंट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना 90 के दशक में हुई थी, जो अब पटना के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक बन चुका है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से यहां वाहन व लोग माल ढुलाई के लिए आते-जाते हैं। ट्रकों और बसों के भारी परिवहन के कारण सड़कों की स्थिति काफी खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
व्यापार संगठनों ने भी डाली थी मांगसड़क निर्माण को लेकर बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स और बिहार इंडस्ट्री एसोसिएशन की ओर से भी सरकार से अनुरोध किया गया था। क्षेत्र में सुचारू परिवहन व्यवस्था के लिए इन संगठनों ने सड़क मरम्मत को प्राथमिकता देने की मांग की थी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने 12.18 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिससे यहां पीसीसी सड़क का निर्माण होगा। बरसात में जलभराव से मिलेगी राहतमाननीय मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार के हर कोने में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर में बनने वाली यह नई सड़क बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात दिलाएगी। मजबूत सड़कों के निर्माण से ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को राहत मिलेगी।
परियोजना से जुड़े प्रशासनिक प्रयासइस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि सड़कों की स्थायित्व बनी रहे। स्थानीय नागरिकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और आशा जताई है कि इससे इलाके की मूलभूत सुविधाओं में और सुधार होगा।


