रांची: करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। एक नवंबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा की तारीख नजदीक आने के साथ ही अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, आवेदन से जुड़ी समस्याओं, क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर हुए विवाद और लंबे समय तक परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थियों की चिंताएं अब भी बनी हुई हैं।
शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह परीक्षा केवल पात्रता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2016 के बाद अब जेटेट का इंतजार खत्म होने की उम्मीद
झारखंड में पिछली शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित हुई थी। इसके बाद नई परीक्षा के आयोजन में लंबा अंतराल आ गया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कई बार परीक्षा कराने की मांग उठाई।
लंबे समय तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने के बाद अभ्यर्थियों ने न्यायालय का रुख किया। जेटेट अभ्यर्थी चंदन राज के नेतृत्व में वर्ष 2025 में इस संबंध में हाईकोर्ट में मामला उठाया गया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के क्रम में परीक्षा आयोजित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई हुई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 अप्रैल 2026 से शुरू हुई और 29 अगस्त 2026 तक चली। अब एक नवंबर को प्रस्तावित परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें आयोजन और परीक्षा संबंधी अंतिम निर्देशों पर टिकी हैं।
आवेदन संबंधी समस्याओं से परेशान अभ्यर्थी
परीक्षा की तारीख नजदीक आने के बावजूद कुछ अभ्यर्थियों ने आवेदन से संबंधित समस्याओं की शिकायत की है। बताया जा रहा है कि कुछ छात्र अपनी समस्याओं के समाधान के लिए झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) कार्यालय भी पहुंच रहे हैं।
लंबे इंतजार के बाद आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ऐसी समस्याएं चिंता का विषय हैं। उनका प्रयास है कि परीक्षा से पहले उनकी शिकायतों की समीक्षा हो और पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिले।
हालांकि, आवेदन संबंधी शिकायतों की कुल संख्या और उनके निस्तारण की स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
40 से 50 हजार शिक्षक पदों की चर्चा से बढ़ी उम्मीदें
जेटेट को लेकर अभ्यर्थियों की उम्मीदों का एक बड़ा कारण राज्य में संभावित शिक्षक नियुक्तियां भी हैं। नियमित और बैकलॉग रिक्तियों को मिलाकर करीब 40 हजार से 50 हजार पदों की चर्चा की जा रही है।
लेकिन इस संख्या को अंतिम रिक्तियों का आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक पदों की संख्या संबंधित विभाग की अधिसूचना से ही स्पष्ट होगी।
यह भी समझना जरूरी है कि जेटेट पास करना और शिक्षक के पद पर नियुक्त होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। पात्रता परीक्षा में सफल होने के बाद भी नियुक्ति के लिए संबंधित भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और चयन संबंधी अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।
भोजपुरी, मगही और अंगिका को लेकर हुआ था विवाद
जेटेट की नियमावली को लेकर क्षेत्रीय भाषाओं का मुद्दा भी चर्चा में रहा। भोजपुरी, मगही और अंगिका को क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं की सूची में शामिल नहीं किए जाने पर आपत्तियां सामने आई थीं।
इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं ने अपनी राय रखी थी। भाषा से जुड़े विवाद के समाधान के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। बताया गया था कि समिति में सहमति नहीं बनने के बाद मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर निर्णय के लिए भेजा गया।
हालांकि, परीक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों और भाषाओं की सूची में किसी बदलाव की स्थिति जानने के लिए अभ्यर्थियों को जैक की आधिकारिक अधिसूचना पर भरोसा करना चाहिए।
परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा पर जैक का जोर
जेटेट के निष्पक्ष आयोजन को लेकर झारखंड अधिविद्य परिषद ने परीक्षा संबंधी तैयारियों पर जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जैक सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिला शिक्षा पदाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं को परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही ओएमआर शीट और प्रश्न पुस्तिकाओं के वितरण, इस्तेमाल, संग्रहण तथा जमा करने की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता बताई गई। परीक्षा केंद्रों के भौतिक सत्यापन और जिला स्तर पर तैयारियां समय पर पूरी करने पर भी ध्यान दिया गया।
जैक सचिव एसडी तिग्गा ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, केंद्राधीक्षकों और वीक्षकों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।
परीक्षा से पहले अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान
परीक्षा में अब कम समय बचने के कारण अभ्यर्थियों के लिए तैयारी को व्यवस्थित रखना जरूरी है। अंतिम दिनों में नई सामग्री पढ़ने के बजाय पहले पढ़े गए विषयों की पुनरावृत्ति और प्रश्नों का अभ्यास अधिक उपयोगी हो सकता है।
तैयारी के लिए जरूरी सुझाव:
- महत्वपूर्ण विषय दोहराएं: पहले से पढ़े गए अध्यायों और मुख्य अवधारणाओं पर ध्यान दें।
- कमजोर हिस्सों पर काम करें: जिन विषयों में बार-बार गलती होती है, उनका दोबारा अभ्यास करें।
- मॉडल पेपर हल करें: निर्धारित समय में प्रश्न हल करके अपनी गति और सटीकता का आकलन करें।
- समय का प्रबंधन करें: सभी विषयों को दोहराने के लिए समय बांटें।
- पर्याप्त आराम करें: रातभर जागने के बजाय संतुलित दिनचर्या बनाए रखें।
- आधिकारिक सूचना देखें: परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग समय और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े निर्देशों की पुष्टि करें।
परीक्षा हॉल में घबराहट से कैसे बचें?
लंबे इंतजार के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव हो सकता है। ऐसे में परीक्षा के दौरान संयम बनाए रखना और प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना महत्वपूर्ण है।
- सबसे पहले प्रश्नपत्र के सभी निर्देश पढ़ें।
- आसान और अच्छी तरह समझ में आने वाले प्रश्नों को पहले हल करें।
- किसी कठिन प्रश्न पर जरूरत से ज्यादा समय न लगाएं।
- प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और जल्दबाजी में उत्तर न चुनें।
- ओएमआर शीट में प्रश्न संख्या और चुने गए विकल्प का मिलान करें।
- परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
- परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की योजना बनाएं।
वर्षों के इंतजार के बाद अब परीक्षा पर टिकी नजरें
जेटेट का लंबा अंतराल, परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर हुई कानूनी प्रक्रिया, आवेदन संबंधी शिकायतें और भाषा विवाद इस परीक्षा की पृष्ठभूमि का हिस्सा रहे हैं।
अब अभ्यर्थियों की प्रमुख अपेक्षा है कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो और आवेदन से जुड़ी लंबित समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए।
एक नवंबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के लिए अंतिम दिनों में पुनरावृत्ति, समय प्रबंधन और आधिकारिक निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि, परीक्षा की तारीख और आयोजन संबंधी किसी भी बदलाव की पुष्टि जैक की आधिकारिक सूचना से ही की जानी चाहिए।
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