Sunday, October 25, 2026

हज़ारीबाग आयुक्त कार्यालय में कथित बिचौलियों की गतिविधियों की जाँच का सवाल.

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अधिकारियों से नज़दीकी दिखाकर काम कराने का भरोसा देने, पैसे लेने और दबाव बनाने के आरोपों की निष्पक्ष जाँच जरूरी

हज़ारीबाग। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में आने-जाने वाले कुछ व्यक्तियों की भूमिका को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायत में आरोप है कि कुछ लोग कार्यालय में नियमित मौजूदगी और अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचय का प्रभाव दिखाकर आम आवेदकों को भ्रमित करते हैं तथा काम कराने का भरोसा देकर आर्थिक लेन-देन में उलझाते हैं।

  • शिकायतकर्ता के अनुसार, कार्यालय में ऐसे व्यक्तियों की लगातार उपस्थिति देखकर कुछ आवेदक उन्हें अधिकारी, कर्मचारी अथवा अधिकृत प्रतिनिधि समझ बैठते हैं। इसी गलतफहमी में लोग अपने मामलों के दस्तावेज और निजी जानकारी साझा कर देते हैं तथा कथित आश्वासनों पर पैसे भी फँसा लेते हैं।
  • कार्यालय के बाहर मामलों को लेकर सौदेबाजी, दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि कुछ प्रभावित लोग अपने लंबित मामलों पर असर पड़ने की आशंका से खुलकर बात नहीं कर पाते। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
  • केवल किसी व्यक्ति का कार्यालय में नियमित आना-जाना या कर्मचारियों से परिचय होना गलत गतिविधि का प्रमाण नहीं है। जाँच का विषय यह है कि क्या कोई व्यक्ति इस परिचय का इस्तेमाल सरकारी काम कराने का झूठा भरोसा देने, पैसे लेने अथवा लोगों पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है।

भारत सुपर फास्ट न्यूज़ प्रमंडलीय प्रशासन से इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह करता है:

  • क्या कार्यालय में अनधिकृत मध्यस्थ के रूप में काम करने वाले व्यक्तियों की पहचान और शिकायतों की जाँच की जाएगी?
  • क्या उपलब्ध आगंतुक पंजी और संबंधित अवधि की CCTV रिकॉर्डिंग से आरोपों का सत्यापन होगा?
  • क्या प्रभावित लोगों को गोपनीय रूप से शिकायत और साक्ष्य देने की सुविधा मिलेगी?
  • किसी व्यक्ति या कार्यालयकर्मी की संलिप्तता प्रमाणित होने पर क्या कार्रवाई होगी?
  • आयुक्त कार्यालय पहुँचने वाले प्रत्येक नागरिक को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि उसका काम किस अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी के माध्यम से और किस प्रक्रिया के तहत होगा। इससे कार्यालय के नाम पर प्रभाव दिखाकर लोगों को भ्रमित करने की गुंजाइश कम होगी।
  • निष्पक्ष जाँच से तथ्य सामने आएँ और आरोप सही मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो—यही इस मामले में जवाबदेही का मूल सवाल है।

यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। किसी विशिष्ट व्यक्ति के विरुद्ध दस्तावेजी प्रमाण इस मसौदे के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है। संबंधित प्रशासन और आरोपों से जुड़े व्यक्तियों का पक्ष प्राप्त होने पर शामिल किया जाएगा। भारत सुपर फास्ट न्यूज़

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