Saturday, October 24, 2026

रांची में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की तैयारी तेज, केंद्र के सवालों का जवाब तैयार कर रहा झारखंड.

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रांची, 24 अक्टूबर 2026: झारखंड की राजधानी रांची में एम्स की तर्ज पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (All India Institute of Ayurveda) स्थापित करने की पहल तेज हो गई है। राज्य सरकार इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान को झारखंड में लाने के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग केंद्र सरकार की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब तैयार कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने देश के तीन राज्यों में राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। झारखंड सरकार भी इनमें से एक संस्थान रांची में खोलने की मांग कर रही है। अब केंद्र ने राज्य से यह स्पष्ट करने को कहा है कि यहां ऐसे संस्थान की आवश्यकता क्यों है और इससे स्थानीय लोगों को क्या लाभ मिलेगा।

केंद्र को बताए जाएंगे झारखंड के पक्ष में तर्क

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से केंद्र के सवालों का बिंदुवार जवाब तैयार किया जा रहा है। इसमें झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, औषधीय पौधों की उपलब्धता, पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की कमी जैसे पहलुओं को शामिल किए जाने की संभावना है।

झारखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के अनुसार, राज्य के पास इस संस्थान के लिए अपनी दावेदारी पेश करने के कई महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के समक्ष इन तथ्यों को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।

राज्य में सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की कमी

झारखंड के गठन के बाद से राज्य में अब तक सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो पाया है। पश्चिमी सिंहभूम में ऐसे कॉलेज की स्थापना की योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी।

स्वास्थ्य विभाग और आयुष निदेशालय का मानना है कि झारखंड में राष्ट्रीय स्तर का आयुर्वेद संस्थान खुलने से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिल सकता है। राज्य के जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों में मौजूद औषधीय पौधे आयुर्वेदिक अनुसंधान के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

इसके अलावा, जनजातीय समुदायों में प्रचलित पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का वैज्ञानिक अध्ययन करने और उसे शोध के माध्यम से आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी हैं।

इटकी में उपलब्ध जमीन और बुनियादी ढांचा बन सकता है आधार

रांची के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फजलुस समी ने इटकी में उपलब्ध सरकारी जमीन और मौजूदा बुनियादी ढांचे को इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

उनके अनुसार, इटकी में स्वास्थ्य विभाग की जमीन और टीबी सेनेटोरियम का मौजूदा ढांचा उपलब्ध है। इन संसाधनों का आकलन कर राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

यदि रांची में यह संस्थान स्थापित होता है, तो इससे आयुर्वेदिक उपचार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

केंद्र के समक्ष पक्ष रखने के लिए दिल्ली जा सकते हैं मंत्री

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार अपनी दावेदारी को मजबूत बनाने के लिए केंद्र के साथ बातचीत की तैयारी कर रही है। इस सिलसिले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के दिल्ली जाने की संभावना जताई गई है।

फिलहाल, रांची में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना को लेकर राज्य सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, संस्थान कहां स्थापित होगा, इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।

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