Friday, October 23, 2026

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान के संकेत, 29 अक्टूबर को 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट.

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पटना | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

बिहार में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम बदलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से बिहार के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, 29 अक्टूबर को पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा जताया गया है।

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 23 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। इससे जुड़ा परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

पूर्वानुमान के अनुसार, यह मौसम प्रणाली 24 अक्टूबर तक अवदाब और 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब में बदल सकती है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना जताई गई है।

यह तूफान आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से बिहार में पूर्वी हवाओं और वातावरण में नमी बढ़ने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बारिश के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान बादल गरजने, बिजली चमकने और तेज झोंकों वाली हवाएं चलने की आशंका है।

29 अक्टूबर को मौसम ज्यादा खराब रहने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव संभव है। लोगों को ताजा मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।

गया, कैमूर समेत पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को निम्नलिखित जिलों में भारी बारिश की संभावना है:

  • गया
  • कैमूर
  • औरंगाबाद
  • पूर्णिया
  • किशनगंज

इन जिलों के आसपास के इलाकों में भी मौसम खराब रह सकता है। पूर्वानुमान में झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे बिहार के कुछ क्षेत्रों में चक्रवाती मौसम प्रणाली का असर अधिक दिखने की आशंका जताई गई है।

बारिश के दौरान गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। किसानों को भी खेतों में खड़ी फसलों और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।

वज्रपात और तेज हवाओं से क्या खतरे हैं?

खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने से लोगों और पशुओं को खतरा हो सकता है। तेज हवाओं से कमजोर निर्माण, झोपड़ियों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों और बगीचों में लगी फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

ऐसे में मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। विशेष रूप से खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े रहने से बचें।

बिजली चमकने पर इन बातों का रखें ध्यान

वज्रपात से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना महत्वपूर्ण है:

  • बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर जल्द से जल्द किसी सुरक्षित, पक्के भवन के अंदर चले जाएं।
  • खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहें।
  • खेतों में काम कर रहे लोग खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
  • कच्चे और कमजोर निर्माणों के आसपास सावधानी बरतें।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

बिहार में मौसम पर रहेगी नजर

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसम प्रणाली के कारण बिहार में अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि कई अन्य इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

फिलहाल यह मौसम पूर्वानुमान है। चक्रवाती प्रणाली की दिशा, तीव्रता और बिहार पर इसके वास्तविक प्रभाव को लेकर आगे जारी होने वाले मौसम बुलेटिन महत्वपूर्ण होंगे। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट लेते रहें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

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