Thursday, October 22, 2026

वैशाली के राजापाकर में 1234 एकड़ जमीन पर बनेगा औद्योगिक क्षेत्र, 3800 रैयतों को मिला 316 करोड़ रुपये का मुआवजा.

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वैशाली, बिहार | 22 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

बिहार के वैशाली जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजापाकर में 1,234.42 एकड़ से अधिक जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए भूमि अर्जन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक करीब 3,800 रैयतों को कुल 316 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल 11 मौजों की जमीन अर्जित की जा रही है। इनमें से आठ मौजों की लगभग 485.51 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा आईडीए, पटना को सौंप दिया गया है। शेष तीन मौजों की करीब 748.92 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा 31 अक्टूबर 2026 तक सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राजापाकर औद्योगिक क्षेत्र के लिए 11 मौजों में भूमि अर्जन

जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राजापाकर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए कुल 1,234.42497 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है। इस परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई गई है।

पहले चरण में पांच मौजों की 159.46515 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा 3 अक्टूबर 2026 को आईडीए, पटना को सौंपा गया था। इसके बाद 21 अक्टूबर को तीन अन्य मौजों की 326.04302 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा हस्तांतरित किया गया।

इस तरह अब तक आठ मौजों की कुल 485.50817 एकड़ जमीन का दखल-कब्जा सौंपा जा चुका है।

31 अक्टूबर तक शेष 748 एकड़ जमीन सौंपने का लक्ष्य

औद्योगिक क्षेत्र के लिए अभी तीन मौजों की जमीन का दखल-कब्जा हस्तांतरित किया जाना बाकी है। इनमें बहसी दामोदर, बहसी सैदपुर और जाफरपट्टी शामिल हैं।

इन तीनों मौजों की कुल 748.9167 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा 31 अक्टूबर तक सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

शेष जमीन का हस्तांतरण पूरा होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित अगली प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

4900 रैयतों ने मुआवजे के लिए दिया आवेदन

भूमि अर्जन के साथ प्रभावित रैयतों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी चल रही है। प्रशासन के अनुसार, अब तक लगभग 4,900 रैयतों से करीब 600 एकड़ जमीन के संबंध में मुआवजा भुगतान के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इनमें से लगभग 3,800 रैयतों को कुल 316 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बाकी पात्र आवेदकों के मामलों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

जिला प्रशासन का कहना है कि पात्र रैयतों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मुआवजा दर और संरचना से जुड़ी शिकायतों की होगी जांच

भूमि अर्जन के दौरान कुछ रैयतों ने मुआवजे की दर और जमीन पर मौजूद संरचनाओं के मूल्यांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित की गई है।

समिति संबंधित आपत्तियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य मुआवजा भुगतान से जुड़े विवादों और शिकायतों का परीक्षण कर उनका समाधान करना है।

जमीन की मापी के बाद उद्योगों को आवंटित होंगे भूखंड

जिला प्रशासन के अनुसार, शेष जमीन का दखल-कब्जा मिलने के बाद आईडीए की ओर से भूमि की मापी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद विभिन्न उद्योगों को भूखंड आवंटित करने की कार्रवाई शुरू होगी।

राजापाकर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र से जिले में उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने और भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, रोजगार और निवेश का वास्तविक स्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि औद्योगिक क्षेत्र कितनी तेजी से विकसित होता है और वहां कितने उद्योग स्थापित होते हैं।

वैशाली में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा?

राजापाकर औद्योगिक क्षेत्र की परियोजना में भूमि अर्जन, मुआवजा भुगतान और जमीन हस्तांतरण महत्वपूर्ण चरण हैं। अब तक आठ मौजों की 485.51 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा सौंपा जा चुका है, जबकि शेष जमीन के लिए 31 अक्टूबर की समय-सीमा तय की गई है।

आगे भूमि की मापी और उद्योगों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना की प्रगति स्पष्ट होगी। इस औद्योगिक क्षेत्र से वैशाली में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

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