पटना | 22 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। शिक्षा विभाग की योजना के तहत प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) की अगुवाई में 14 सदस्यीय ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (BPMU) को सक्रिय किया जाएगा। इस टीम को सरकारी स्कूलों की हर दूसरे दिन निगरानी और निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति, नामांकन, शिक्षण गतिविधियों, मध्याह्न भोजन योजना और कंप्यूटर शिक्षा जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के साथ शिकायतों के निपटारे पर भी जोर रहेगा।
BEO करेंगे 14 सदस्यीय टीम का नेतृत्व
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी टीम का नेतृत्व करते हुए प्रखंड स्तर पर स्कूलों की व्यवस्था की निगरानी करेंगे। BPMU में प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जूनियर मैनेजर (टेक्निकल-सिविल), प्रखंड एवं मुख्य साधन सेवी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आदेशपाल सहित कुल 14 सदस्य शामिल होंगे।
इस टीम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा विभाग और मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रखंड स्तर पर स्कूलों की निगरानी को व्यवस्थित करना और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
बच्चों की उपस्थिति और नामांकन की होगी समीक्षा
स्कूलों की निगरानी के दौरान विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही नामांकित बच्चों की हाजिरी, दोबारा नामांकन और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा भी होगी।
प्रखंड के शिक्षा सेवकों और तालिमी मरकज के शिक्षा सेवकों की रोजाना उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा अभिभावक-शिक्षक बैठकों का नियमित आयोजन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
मिड-डे मील और कंप्यूटर शिक्षा पर भी नजर
BPMU टीम को स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की व्यवस्था की जांच करनी होगी। इसके तहत योजना के संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
जिन सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब उपलब्ध हैं, वहां कंप्यूटर की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध डिजिटल शिक्षा सुविधाओं के इस्तेमाल की स्थिति का आकलन करना है।
स्कूल परिसर की सफाई और कबाड़ की भी होगी जांच
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में जमा कूड़ा-कचरा और स्क्रैप का भी आकलन किया जाएगा। निर्देश के अनुसार, ऐसे सामान की नीलामी की प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इससे स्कूल परिसर की साफ-सफाई और अनुपयोगी सामान के उचित निपटारे से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा सकेगी।
शिकायतों का समाधान और रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य
प्रखंड स्तर पर मिलने वाली शिकायतों की जांच कर उनका समाधान करना भी टीम की जिम्मेदारी होगी। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देशों में से एक यह है कि निरीक्षण की रिपोर्ट उसी दिन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे निरीक्षण से जुड़ी जानकारी दर्ज करने, कार्रवाई की निगरानी करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने पर जोर
BEO के नेतृत्व में 14 सदस्यीय BPMU को सक्रिय करने और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा संबंधी गतिविधियों की निगरानी मजबूत करना है। बच्चों की उपस्थिति से लेकर मध्याह्न भोजन, कंप्यूटर शिक्षा और शिकायतों के निपटारे तक विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक असर इसके प्रभावी क्रियान्वयन और निरीक्षण के बाद कमियों पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
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