Thursday, October 22, 2026

पटना में बनेगा आधुनिक टेक पार्क, बिहार सरकार को 1071 करोड़ रुपये की आय का अनुमान’

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पटना | 22 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

बिहार की राजधानी पटना में आधुनिक टेक पार्क बनाने की योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। इस परियोजना के जरिए राज्य में आईटी कंपनियों और निवेश को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है। प्रस्तावित टेक पार्क के निर्माण पर लगभग 413 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि 90 साल की लीज अवधि में बिहार सरकार को करीब 1071 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना जताई गई है।

यह परियोजना लगभग 3.80 एकड़ जमीन पर विकसित की जानी है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के उपक्रम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को सौंपने के प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है।

टेक पार्क में आईटी कंपनियों से लेकर होटल तक की सुविधाएं

प्रस्तावित मॉडर्न टेक पार्क को आईटी और वाणिज्यिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कंपनियों के कार्यालयों के साथ आवासीय परिसर, होटल, दुकानें और खानपान से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

योजना के अनुसार, परिसर में अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई इमारतें बनाई जाएंगी। इससे आईटी कंपनियों में काम करने वाले लोगों और यहां आने वाले व्यावसायिक आगंतुकों को एक ही परिसर में कई सुविधाएं मिल सकेंगी।

11 मंजिला आईटी ब्लॉक और 7 मंजिला होटल

टेक पार्क की प्रस्तावित संरचना में तीन प्रमुख इमारतें शामिल होंगी।

  • आईटी-सह-वाणिज्यिक ब्लॉक: 11 मंजिला इमारत।
  • होटल ब्लॉक: 7 मंजिला इमारत।
  • आवासीय ब्लॉक: 8 मंजिला इमारत।

इसके अलावा, परिसर में लगभग 300 कारों की पार्किंग की सुविधा विकसित करने की भी योजना है। इन सुविधाओं का उद्देश्य आईटी कंपनियों, कारोबार और आवास से संबंधित जरूरतों को एक ही स्थान पर पूरा करना है।

एनबीसीसी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच होगा एमओयू

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन यानी एमओयू किया जाना है। इस समझौते के बाद निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

बिहार कैबिनेट की 12 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में टेक पार्क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है। परियोजना की प्रगति और निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने की भी योजना है।

90 साल की लीज से सरकार को कैसे होगी आय?

इस परियोजना का एक अहम पहलू बिहार सरकार के लिए संभावित राजस्व है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 90 साल की लीज अवधि के दौरान सरकार को लगभग 1071 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।

वहीं, परियोजना के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 413 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, 1071 करोड़ रुपये को अनुमानित आय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वास्तविक राजस्व परियोजना की शर्तों, समझौते और क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना को इस तरह तैयार करने की योजना है कि सरकार को अपने बजट से सीधे निर्माण खर्च नहीं उठाना पड़े। इस संबंध में विस्तृत वित्तीय और लीज शर्तें आधिकारिक समझौते से स्पष्ट होंगी।

बिहार में आईटी निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा?

पटना में आधुनिक टेक पार्क बनाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य आईटी कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को बिहार की ओर आकर्षित करना है। ऐसे केंद्रों में बड़ी कंपनियां तकनीकी सहायता, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय संचालन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े काम करती हैं।

यदि परियोजना तय योजना के अनुसार विकसित होती है, तो इससे राज्य में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं। आईटी और वाणिज्यिक गतिविधियां बढ़ने से तकनीकी क्षेत्र के साथ होटल, आवास, खुदरा कारोबार और अन्य सेवाओं में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या और परियोजना पूरी होने की समय-सीमा को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया गया है।

बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?

पटना में प्रस्तावित मॉडर्न टेक पार्क को राज्य में आईटी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना माना जा रहा है। आधुनिक कार्यालयों, होटल, आवास और पार्किंग जैसी सुविधाओं के साथ इसे व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

अब परियोजना की अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एनबीसीसी के बीच एमओयू तथा उसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना होगा। इसकी प्रगति से ही स्पष्ट होगा कि टेक पार्क कब तक तैयार होगा और बिहार को इससे कितनी वास्तविक आय तथा रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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