बहरागोड़ा: सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और सहियाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित 10 दिवसीय कौशल एवं ज्ञान वृद्धि मूल्यांकन कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उत्पल मुर्मू की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में कुल 394 सहियाओं और 22 सहिया साथियों, यानी 416 स्वास्थ्यकर्मियों का मूल्यांकन किया गया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
कार्यक्रम के दौरान डॉ. उत्पल मुर्मू ने कहा कि माता और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहियाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों को सही तरीके और पूरी दक्षता के साथ करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों का समय पर वजन और तापमान लेना, शिशु को कंबल में ठीक से लपेटना, हाथ धोने की सही विधि अपनाना और बच्चे की सांसों की गिनती करना जैसे कार्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जरूरी स्वास्थ्य प्रक्रियाओं का किया गया मूल्यांकन
मूल्यांकन के दौरान सहियाओं की व्यावहारिक दक्षता पर ध्यान दिया गया। इसमें ओआरएस (ORS) घोल तैयार करने और चूषण पंप के उपयोग जैसी प्रक्रियाओं को सही ढंग से करने की क्षमता भी शामिल रही।
इन कार्यों में दक्षता बढ़ने से समुदाय स्तर पर माताओं और बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्यकर्मियों और मानसी टीम की रही भागीदारी
कार्यक्रम में मानसी प्रोजेक्ट की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संजू नदी सहित एसटीटी, बीटीटी, बीपीएम, अस्पताल के अन्य कर्मचारी और मानसी टीम के सदस्य मौजूद रहे।
दस दिनों तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहियाओं और सहिया साथियों के ज्ञान तथा व्यावहारिक कौशल का आकलन करना और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर देना रहा।
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