Friday, October 16, 2026

मधुबनी के रेमंत मिश्र श्रीलंका में दिखाएंगे मिथिला कला का हुनर, सीलोन क्राफ्ट वीक 2026 में मिला आमंत्रण.

Share

मधुबनी, बिहार: मिथिला की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक और अवसर मिला है। मधुबनी जिले के जितवारपुर निवासी हस्तशिल्प कलाकार रेमंत कुमार मिश्र को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित होने वाले सीलोन क्राफ्ट वीक 2026 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा, जिसमें रेमंत भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा परंपरा का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस आमंत्रण को मिथिला की समृद्ध लोककला और स्थानीय कलाकारों की अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न पारंपरिक शिल्पों और हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ भारत और श्रीलंका की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक केंद्र से मिला आमंत्रण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र ने 30 सितंबर को जारी आमंत्रण पत्र के माध्यम से रेमंत कुमार मिश्र की भागीदारी की पुष्टि की थी।

सीलोन क्राफ्ट वीक 2026 का आयोजन श्रीलंका सरकार के उद्योग एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शिल्प परिषद और भारतीय उच्चायोग के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से किया जा रहा है।

इस आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देना, कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना और दोनों देशों के बीच कला एवं संस्कृति के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।

28 अक्टूबर को कोलंबो के लिए रवाना होंगे रेमंत

निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के मुताबिक, रेमंत कुमार मिश्र 28 अक्टूबर को नई दिल्ली से श्रीलंका के लिए रवाना होंगे। प्रतिभागियों को उसी दिन कोलंबो पहुंचना है। उनकी वापसी 2 नवंबर को निर्धारित बताई गई है।

आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के लिए साझा आवास, प्रदर्शनी स्थल तक आने-जाने की व्यवस्था और निर्धारित तारीखों पर हवाई अड्डे से परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सुबह का नाश्ता और रात का भोजन भी आयोजन व्यवस्था में शामिल है।

निर्धारित अवधि से अधिक रुकने पर अतिरिक्त खर्च प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा।

सात देशों में कला का प्रदर्शन कर चुके हैं रेमंत मिश्र

जितवारपुर के रेमंत कुमार मिश्र पहले भी कई देशों में कला प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों और कला परियोजनाओं में हिस्सा ले चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे इटली, मॉरीशस, सिंगापुर, श्रीलंका, चीन, संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया में अपनी कला से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी कर चुके हैं।

वर्ष 2019 में उन्होंने इटली के बारी अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव में हिस्सा लिया था। इससे पहले 2018 में मॉरीशस के एक सरकारी कला आदान-प्रदान कार्यक्रम और सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय लोककला मेले में भी उनकी सहभागिता रही थी।

इन अनुभवों ने उन्हें अलग-अलग देशों की कला और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर दिया है।

वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कला परियोजनाओं में भी भागीदारी

रेमंत मिश्र की कला गतिविधियां केवल प्रदर्शनियों तक सीमित नहीं रही हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वे श्रीलंका और चीन में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कला परियोजनाओं में भी योगदान दे चुके हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया में मिथिला लोककला की प्रदर्शनियों में उनकी भागीदारी रही है।

सीलोन क्राफ्ट वीक में उनकी प्रस्तावित भागीदारी से भारतीय हस्तशिल्प और मिथिला की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

मिथिला की लोककला को मिलेगी नई पहचान

मधुबनी चित्रकला और मिथिला की अन्य पारंपरिक कलाएं अपनी विशिष्ट शैली, सांस्कृतिक प्रतीकों और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के लिए जानी जाती हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से इन कलाओं को नए दर्शकों तक पहुंचाने और सांस्कृतिक संवाद बढ़ाने की संभावना बनती है।

रेमंत कुमार मिश्र का सीलोन क्राफ्ट वीक 2026 में शामिल होना जितवारपुर और मधुबनी के लिए एक उल्लेखनीय सांस्कृतिक अवसर है। अब इस आयोजन में उनकी भागीदारी के जरिए मिथिला की कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।

Read more

Local News