रांची न्यूज: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के करीब 176 दुर्गा पूजा पंडालों के पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। सुबह से ही भक्त मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडालों में पहुंचने लगे। पंडालों में मां दुर्गा के साथ मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।
इस साल कई पूजा पंडालों में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय कला और संस्कृति को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। आकर्षक सजावट और पौराणिक प्रसंगों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनी हुई है।
रेलवे स्टेशन के पंडाल में दिखी केरल की संस्कृति
रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में केरल की संस्कृति को दर्शाने की कोशिश की गई है। यहां केरल के प्रसिद्ध ओणम पर्व की झलक दिखाई गई है। इसके साथ ही नाग देवता के स्वरूप और केरल के पारंपरिक लोकनृत्य को भी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
पंडाल के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। अंदर की सजावट में धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों का मेल देखने को मिलता है, जो श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है।
भगवान विष्णु के वामन अवतार का प्रसंग भी प्रदर्शित
पंडाल में भगवान विष्णु के वामन अवतार से जुड़ा प्रसंग भी दिखाया गया है। इसमें राजा महाबली से संबंधित पौराणिक दृश्य को प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा मां दुर्गा की प्रतिमा के आसपास विभिन्न देवी-देवताओं के चित्र फ्रेम में सजाए गए हैं।
इस सजावट के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर कई देवी-देवताओं के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। पंडाल में धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति और रंग-बिरंगी सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
प्रतिमाओं और सजावट को देखने पहुंच रहे लोग
दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और उनकी कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। मां दुर्गा के साथ अन्य देवी-देवताओं के स्वरूपों को देखने के लिए लोग लगातार पहुंच रहे हैं।
रांची में पूजा का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। पंडालों की सजावट, सांस्कृतिक झलक और धार्मिक कथाओं की प्रस्तुति इस बार दुर्गा पूजा को खास बना रही है।
