पटना, 16 अक्टूबर 2026: बिहार के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्ति के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharma) की योग्यता अनिवार्य रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फार्मासिस्ट संवर्ग की भर्ती के नियमों में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharma), मास्टर ऑफ फार्मेसी (M.Pharma) और फार्मा-डी डिग्रीधारियों के लिए अन्य सरकारी पदों की संभावनाएं तलाशने हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार झा की ओर से जारी पत्र में फार्मासिस्ट भर्ती की योग्यता को स्पष्ट किया गया है। विभाग के इस फैसले से राज्य के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट के 1,600 से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
फार्मासिस्ट पद के लिए D.Pharma और पंजीकरण जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के 13 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली, 2014 और संशोधन नियमावली, 2024 के प्रावधान लागू रहेंगे। इसके तहत फार्मासिस्ट के मूल पद पर नियुक्ति के लिए D.Pharma उत्तीर्ण होना और बिहार फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
विभाग के मुताबिक, केवल B.Pharma या M.Pharma की डिग्री होने से फार्मासिस्ट के मूल पद पर नियुक्ति की पात्रता नहीं मिलेगी। इन डिग्रीधारियों को भी इस पद के लिए निर्धारित D.Pharma योग्यता पूरी करनी होगी।
तीन सदस्यीय समिति करेगी नए पदों का आकलन
B.Pharma, M.Pharma और फार्मा-डी डिग्रीधारियों के लिए रोजगार के अवसर तलाशने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है।
समिति की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डॉ. त्यागराजन एसएम करेंगे। इसमें ओएसडी रेणु कुमारी और राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय को सदस्य बनाया गया है।
समिति यह आकलन करेगी कि इन डिग्रीधारियों के लिए किन सरकारी कार्यालयों और विभागों में नए पद सृजित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही पदों की संख्या, वेतनमान और पदसोपान पर भी विचार किया जाएगा। समिति की अनुशंसाओं के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
भर्ती नियमों को लेकर लंबे समय से था विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 से डिप्लोमा फार्मासिस्ट और B.Pharma डिग्रीधारियों के बीच फार्मासिस्ट पद की भर्ती योग्यता को लेकर मतभेद चल रहे थे। B.Pharma डिग्रीधारी अपनी योग्यता को भर्ती नियमों में शामिल करने की मांग कर रहे थे, जबकि डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन मौजूदा नियमों के अनुसार नियुक्ति की मांग कर रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में 16 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में SLP (C) संख्या 12236/2025, मोहम्मद फिरोज मंसूरी एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य मामले में पारित आदेश का भी उल्लेख किया है।
B.Pharma और M.Pharma धारकों के लिए पहले से भी अवसर
डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी के अनुसार, B.Pharma और M.Pharma डिग्रीधारियों के लिए बिहार में अन्य संवर्गों में भी नियुक्ति के अवसर उपलब्ध हैं।
उनके मुताबिक, बिहार राज्य औषधि नियंत्रण संवर्ग नियमावली, 2014 और बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला तकनीकी कर्मी संवर्ग नियमावली, 2019 के तहत औषधि निरीक्षक, गवर्नमेंट एनालिस्ट, असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट और साइंटिफिक असिस्टेंट जैसे पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं। सरकारी फार्मेसी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पद भी रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।
रिक्त पदों पर जल्द बहाली की मांग
संगठन ने स्वास्थ्य विभाग के फैसले का स्वागत करते हुए फार्मासिस्ट के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की है।
अब अभ्यर्थियों की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर है। जहां D.Pharma योग्यताधारी फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं B.Pharma, M.Pharma और फार्मा-डी डिग्रीधारी समिति की अनुशंसाओं के आधार पर नए सरकारी पदों के सृजन की प्रतीक्षा करेंगे।
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