रांची, 16 अक्टूबर 2026: झारखंड में पुलिसकर्मियों की संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन जमा करने के लिए HRMS पोर्टल दोबारा खोलने का मुद्दा अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 14 अक्टूबर को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन संवेदनशीलता से चलता है, हठधर्मिता से नहीं।
मंत्री ने मुख्य सचिव से पूरे मामले की समीक्षा करने और यह देखने का आग्रह किया है कि HRMS पोर्टल खोलने से प्रशासनिक व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा या नहीं। यदि ऐसा कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, तो उन्होंने पोर्टल खोलने का आदेश देने की बात कही है।
300 पुलिसकर्मियों को संपत्ति का ब्योरा जमा करने का मौका देने की मांग
मंत्री के पत्र के अनुसार, झारखंड पुलिस के करीब 300 जवान निर्धारित समय में HRMS पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण जमा नहीं कर पाए थे। बताया गया है कि इनमें कुछ पुलिसकर्मी अभियान या अन्य जरूरी ड्यूटी में व्यस्त थे।
इस मामले को लेकर मंत्री ने कार्मिक सचिव से बातचीत की थी। उनका सवाल था कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी संपत्ति का विवरण जमा करना चाहता है, तो पोर्टल खोलने में वैधानिक कठिनाई क्या है?
पोर्टल खोलने को लेकर क्या हुई बातचीत?
पत्र में दर्ज विवरण के मुताबिक, कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा था कि वर्ष के बीच में पोर्टल खोलने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने आशंका जताई थी कि ऐसा करने पर कर्मचारी भविष्य में भी समय-सीमा के बाद पोर्टल खोलने की मांग कर सकते हैं।
मंत्री के पत्र के अनुसार, जब उन्होंने पूछा कि यदि पोर्टल अधिक समय तक खुला रहे तो इससे प्रशासनिक नुकसान क्या होगा, तब सचिव ने पोर्टल नहीं खोलने की बात कही।
मंत्री ने इस मामले में मुख्य सचिव से स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने का अनुरोध किया है। हालांकि, सचिव का पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर अलग से सामने नहीं आया है।
संपत्ति विवरण जमा नहीं होने से प्रोन्नति पर असर की आशंका
नियमों के अनुसार, सरकारी पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को हर साल जनवरी और फरवरी में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी संपत्ति का विवरण जमा करना होता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, समय-सीमा में विवरण जमा नहीं कर पाने वाले कुछ पुलिसकर्मियों को आशंका है कि अगली बार जनवरी-फरवरी 2027 में पोर्टल खुलने पर वे वर्ष 2026 की संपत्ति का विवरण तो जमा कर सकेंगे, लेकिन वर्ष 2025 का ब्योरा जमा करने में परेशानी हो सकती है।
ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मियों की प्रोन्नति और एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) के लाभ पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति विभागीय नियमों और संबंधित आदेशों पर निर्भर करेगी।
पुलिस एसोसिएशन भी उठा चुका है मामला
खबर के अनुसार, पुलिसकर्मियों को संपत्ति का विवरण जमा करने का अवसर देने के लिए पुलिस एसोसिएशन ने भी विभिन्न स्तरों पर मामला उठाया था। दावा है कि मंत्री और गृह सचिव के स्तर से अनुरोध किए जाने के बावजूद पोर्टल नहीं खोला गया।
अब मुख्य सचिव की समीक्षा और कार्मिक विभाग के अगले निर्णय पर नजर रहेगी। यदि पोर्टल खोलने का आदेश दिया जाता है, तो समय पर विवरण जमा नहीं कर पाने वाले पुलिसकर्मियों को राहत मिलने की संभावना है।
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