Wednesday, October 14, 2026

बिहार के स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अतिरिक्त PHC को हर महीने मिलेंगे 1,500 रुपये, 38 जिलों के लिए 6.40 करोड़ आवंटित.

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पटना, 14 अक्टूबर 2026: बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किराये के भवनों में संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) के मासिक भवन किराये में बढ़ोतरी की है। अब प्रत्येक पात्र स्वास्थ्य संस्थान को भवन किराये के लिए हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। पहले इसके लिए 500 से 600 रुपये प्रतिमाह का प्रावधान था।

स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी 38 जिलों के लिए कुल 6 करोड़ 40 लाख 80 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई है।

कई वर्षों बाद बढ़ाई गई किराये की राशि

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, किराये के भवनों में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन किराये में पिछले कई वर्षों से बढ़ोतरी नहीं हुई थी। कम राशि के कारण इन संस्थानों के संचालन में कठिनाइयां आ रही थीं।

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मासिक किराये की राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति संस्थान निर्धारित की है। संशोधित दर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद लागू करने की व्यवस्था की गई है।

सभी 38 जिलों को मिलेगा बजट

राज्य के सभी 38 जिलों के लिए आवंटित 6.40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का उपयोग संबंधित जिला स्वास्थ्य समितियां स्वास्थ्य केंद्रों के भवन किराये के भुगतान में करेंगी।

इसका उद्देश्य किराये के भवनों में संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन सुचारु बनाए रखना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहें।

हर महीने समय पर किराया भुगतान के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भवन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हर महीने समय पर किराये का भुगतान किया जाए।

इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को नियमानुसार बिल तैयार करना होगा। साथ ही, प्रत्येक महीने के अंतिम दिन तक खर्च से संबंधित रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य समिति को भेजनी होगी।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद किराया भुगतान में देरी होने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। मामले की रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भी भेजी जाएगी।

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मदद

भवन किराये की राशि बढ़ने से किराये के भवनों में चल रहे स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और आम लोगों को उनके घर के नजदीक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने में मदद मिल सकती है।

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