वैशाली नाव हादसा: चिराग पासवान ने जताया दुख, बोले—लापरवाही साबित हुई तो होगी कार्रवाई
पटना, 14 अक्टूबर 2026: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हादसे में 13 लोगों की मौत की खबर के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बुधवार को पटना पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। वहीं, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
चिराग पासवान ने पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि हादसे में छोटे बच्चों की जान जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि मृतकों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद इस मामले को प्रधानमंत्री के संज्ञान में भी लाया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी हादसे पर दुख और संवेदना व्यक्त की है।
चिराग पासवान ने कहा कि वह स्वयं घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
नाव की मांग के बावजूद सुविधा नहीं मिली तो गंभीर मामला
हादसे में प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने और पूरी जानकारी लेने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों ने नाव की मांग की थी और इसके बावजूद उन्हें आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला होगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को पहले से जानकारी थी और उसकी लापरवाही के कारण हादसा हुआ, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पप्पू यादव ने भी उठाई कार्रवाई और मुआवजे की मांग
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी राघोपुर नाव हादसे पर दुख जताया और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने मृतकों में बच्चों के शामिल होने पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही।
पप्पू यादव ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनके बयान के बाद घटना को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।
जांच और पीड़ितों की सहायता पर टिकी नजरें
हादसे के बाद सबसे अहम सवाल यह है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या समय रहते जरूरी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। इन सवालों का जवाब जांच और प्रशासन की ओर से सामने आने वाली जानकारी से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पीड़ित परिवारों को सहायता, घायलों का उपचार और घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करना जरूरी होगा।
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