Wednesday, October 14, 2026

डॉलर के मुकाबले रुपये में 44 पैसे की मजबूती, 94.92 के स्तर पर पहुंचा.

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मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार रिकवरी देखने को मिली। रुपया 44 पैसे मजबूत होकर 94.92 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से विदेशी मुद्रा बाजार में दबाव कम करने के लिए उठाए गए हालिया कदमों का असर रुपये की चाल पर दिखाई दे रहा है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, USD/INR जोड़ी पिछले तीन कारोबारी सत्रों में करीब 2 प्रतिशत मजबूत हुई है। बुधवार को रुपया 95.05 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान बढ़कर 94.92 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ 95.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

RBI के कदमों से बाजार को मिला सहारा

रुपये में गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए RBI ने हाल में कई कदम उठाए हैं। बाजार विशेषज्ञ इन फैसलों को रुपये की रिकवरी से जोड़कर देख रहे हैं।

1. तेल कंपनियों के लिए डॉलर खरीदने की विशेष व्यवस्था: तेल विपणन कंपनियों की डॉलर संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने से खुले बाजार में डॉलर की मांग का दबाव कम करने की कोशिश की गई है।

2. विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कारोबार पर सख्ती: रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और विदेशी मुद्रा बाजार में अनुचित उतार-चढ़ाव को सीमित करने के उद्देश्य से डेरिवेटिव कारोबार से जुड़े नियम सख्त किए गए हैं।

3. डॉलर खरीद पर अतिरिक्त शर्तें: बड़ी डॉलर खरीद से जुड़े लेनदेन पर बैंकों के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन कदमों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बाजार में जोखिम और सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करना है।

वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था पर जताया भरोसा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रुपये में आई गिरावट पर कहा कि रिजर्व बैंक मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भरोसा जताते हुए रुपये पर दबाव के लिए वैश्विक परिस्थितियों और बाहरी चुनौतियों को भी जिम्मेदार बताया।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट, कच्चे तेल में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.06 प्रतिशत गिरकर 102.11 पर आ गया। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमत 0.57 प्रतिशत बढ़कर 106.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ सकती है, जिससे रुपये पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है।

शेयर बाजार में हल्की कमजोरी

बुधवार सुबह घरेलू शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 73,000.82 पर और निफ्टी 32 अंक फिसलकर 22,688.75 पर कारोबार करता दिखा।

रुपये की मजबूती के बावजूद आगे की दिशा वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल और विदेशी निवेश के रुझान पर निर्भर करेगी।

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