पटना, 12 अक्टूबर 2026। बिहार में विकास योजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में कुल 23 एजेंडों पर मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन फैसलों में दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए जमीन अधिग्रहण, बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था का विस्तार, ग्रामीण पेयजल योजनाएं, पर्यटन सुविधाओं का विकास और ग्रामीण सड़कों के रखरखाव जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट के फैसलों से राज्य के बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति, पेयजल, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
Darbhanga Airport Cargo Hub: कार्गो हब के लिए करीब 226 करोड़ रुपये मंजूर
दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए 49.9973 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है।
भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के लिए 225 करोड़ 91 लाख 30 हजार 742 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि लगभग 226 करोड़ रुपये होती है।
इस परियोजना का उद्देश्य हवाई अड्डे के आसपास माल ढुलाई और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास का रास्ता तैयार करना है। कार्गो हब और लॉजिस्टिक पार्क के विकसित होने से भविष्य में सामान के भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, निर्माण शुरू होने और परियोजना पूरी होने की समयसीमा की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो बड़ी परियोजनाएं
कैबिनेट ने राज्य में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दो योजनाओं को मंजूरी दी है।
1. तारापुर ग्रिड उपकेंद्र को मिलेगा दूसरा ऊर्जा स्रोत
बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत तारापुर स्थित ग्रिड उपकेंद्र को दूसरा स्वतंत्र ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी मिली है।
इसके तहत अतिरिक्त 132 केवी डबल सर्किट संचरण लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही चार अतिरिक्त लाइन बे बनाने की योजना भी शामिल है।
इस परियोजना पर 51.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रिड उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है।
2. सुपौल के पिपरा में बनेगा नया ग्रिड उपकेंद्र
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में नया ग्रिड उपकेंद्र स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ 220 केवी और 132 केवी की बिजली संचरण लाइनें बनाई जाएंगी।
पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 575.36 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें राज्य सरकार 115.07 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेगी। शेष 460.29 करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों से कर्ज के रूप में जुटाने की योजना है, जिसके लिए राज्य सरकार की गारंटी को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना से संबंधित वित्तीय और तकनीकी प्रावधानों के क्रियान्वयन के बाद बिजली ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मुंगेर के 14 पंचायतों में पेयजल सुविधा बेहतर करने की योजना
मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर और टेटियाबंबर प्रखंडों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 279.51 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना में खड़गपुर झील के सतही जल का इस्तेमाल किया जाएगा। योजना के तहत 14 पंचायतों के 177 वार्डों में पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इसके लिए 22 एमएलडी क्षमता की ग्रामीण जलापूर्ति योजना बनाई जाएगी। परियोजना में निर्माण के साथ पांच साल तक संचालन और रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है।
इस योजना का मकसद संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सुविधा बेहतर करना है।
वैशाली के 493 वार्डों तक पहुंचेगा जलापूर्ति नेटवर्क
वैशाली जिले के महुआ और चेहराकलां प्रखंडों के लिए भी बड़ी पेयजल परियोजना को स्वीकृति मिली है।
इस योजना के तहत 36 पंचायतों के 493 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए गंगा नदी के सतही जल पर आधारित 72 एमएलडी क्षमता की बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना तैयार की जाएगी।
परियोजना के निर्माण और पांच वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव पर 506.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
योजना पूरी होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर बनेगा पर्यटन रिसॉर्ट
बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वैशाली में 10 एकड़ जमीन पर पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना को जन-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है। इसके अंतर्गत निर्माण और संचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी का प्रावधान रहेगा।
रिसॉर्ट में पर्यटकों के ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। कैबिनेट ने इससे संबंधित पहले जारी सरकारी संकल्प में संशोधन को भी स्वीकृति दी है।
ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर जोर
ग्रामीण इलाकों में सड़कों की स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम लागू किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत, नवीनीकरण और लंबे समय तक रखरखाव पर जोर रहेगा। इससे ग्रामीण संपर्क मार्गों को उपयोग के योग्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा पथ निर्माण विभाग से संबंधित निविदा व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इसमें न्यूनतम दर की सीमा से जुड़े पुराने प्रावधानों को निरस्त कर नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शामिल है।
खगड़िया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को 75 करोड़ रुपये का अनुदान
कैबिनेट ने खगड़िया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दी है।
इस सहायता का उद्देश्य बैंक को न्यूनतम 9 प्रतिशत पूंजी जोखिम-भारित परिसंपत्ति अनुपात यानी सीआरएआर हासिल करने में मदद करना है।
इसके साथ बिहार राज्य सहकारी बैंक और उससे जुड़े जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए 66.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है।
पटना के गर्दनीबाग में टैंक पार्क का विकास
पटना में गर्दनीबाग टैंक पार्क के निर्माण और विकास से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
इस परियोजना के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है। परियोजना के तहत पार्क के विकास से जुड़ा काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।
आईटी नियमावली और स्वास्थ्य विभाग में नए पदों को मंजूरी
बैठक में बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली, 2026 के गठन को भी स्वीकृति दी गई।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बक्सर स्थित राजकीय श्री धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय-सह-चिकित्सालय में तीन अतिरिक्त पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों से संबंधित विभागों में प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की संभावना है।
कैलाशपति मिश्र की जयंती पर हर साल होगा राजकीय समारोह
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को राजकीय समारोह के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
वर्ष 2027 की छुट्टियों की सूची को स्वीकृति
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव पर बिहार सरकार के कार्यालयों के लिए वर्ष 2027 की छुट्टियों और प्रतिबंधित अवकाश की सूची घोषित करने की मंजूरी दी गई है।
इस फैसले के बाद राज्य सरकार के कार्यालयों में अगले वर्ष लागू होने वाली अवकाश व्यवस्था तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े एक अन्य फैसले में भीम बांध क्षेत्र में इको टूरिज्म विकसित करने के लिए तैयार किए गए तीन क्लस्टरों के प्रस्तावों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विकास करना और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत समयसीमा और अन्य शर्तों की जानकारी अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
बिहार कैबिनेट के फैसलों का क्या होगा असर?
12 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो हब के लिए भूमि अधिग्रहण, बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाएं, मुंगेर और वैशाली में पेयजल योजनाएं तथा ग्रामीण सड़कों के रखरखाव से जुड़े फैसले खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए विभागीय प्रक्रिया, निविदा, निर्माण और समयबद्ध क्रियान्वयन जैसे चरण पूरे करने होंगे। परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और लाभ उनके कार्यान्वयन पर निर्भर करेंगे।
BHARAT SUPERFAST NEWS
