रांची, 9 अक्टूबर 2026: झारखंड के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध के आधार पर 1,200 चिकित्सकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से डॉक्टरों की भर्ती की संभावनाएं तलाशने के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं।
चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु पर नजर
स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे क्षेत्रों से चिकित्सकों को झारखंड लाने की तैयारी है। गठित टीमें वहां डॉक्टरों की उपलब्धता, भर्ती की संभावनाओं और झारखंड में उन्हें मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े पहलुओं पर काम करेंगी।
पहली टीम का नेतृत्व स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा करेंगी। इस टीम में संयुक्त सचिव ललित शुक्ला शामिल रहेंगे। वहीं, दूसरी टीम की अगुवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और अभियान निदेशक ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को टीमों के गठन की जानकारी दी।
506 चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बिड प्रक्रिया के माध्यम से 306 सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों और 200 चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस तरह कुल 506 पदों पर भर्ती की दिशा में काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
डॉक्टरों और पारा मेडिकल कर्मियों की सुरक्षा पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और उनके लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देने और उनके साथ संवाद बनाए रखने की जरूरत भी रेखांकित की गई।
108 एंबुलेंस कर्मियों से हड़ताल नहीं करने की अपील
बैठक के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों की संभावित हड़ताल का मुद्दा भी उठा। स्वास्थ्य मंत्री ने बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया और कर्मियों से हड़ताल से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस सेवा बाधित होने से मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि संबंधित पक्ष आपसी बातचीत से समाधान निकालें।
15 अक्टूबर को होगी रिम्स शासी निकाय की बैठक
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची की शासी निकाय की बैठक अब 15 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। यह बैठक पहले शुक्रवार को प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गई थी।
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