पटना, 9 अक्टूबर 2026: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर कांग्रेस नेताओं को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव के समय कांग्रेस और आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत और आपसी संवाद बेहतर था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
पप्पू यादव ने अपने बयान में कांग्रेस को महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में बताया। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति नरम रुख अपनाने और कांग्रेस से टकराव की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
लालू के समय सोनिया गांधी से होता था संवाद: पप्पू यादव
कांग्रेस और आरजेडी के बीच बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के रहते सोनिया गांधी और आरजेडी नेतृत्व के बीच संवाद की गुंजाइश बनी रहती थी। उनके मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे का सम्मान करते थे, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं दिख रही है।
सांसद ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव कांग्रेस नेताओं को वह सम्मान नहीं देते, जिसकी गठबंधन में अपेक्षा की जाती है। उनके इस बयान से बिहार में विपक्षी दलों के आपसी संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कांग्रेस को बताया गठबंधन में बड़ा भाई
पप्पू यादव ने कांग्रेस की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि गठबंधन में उसके महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के बिना उनकी राजनीतिक स्थिति क्या होगी।
उनके बयान का संकेत इस बात की ओर था कि विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के बीच बेहतर तालमेल और एक-दूसरे के प्रति सम्मान जरूरी है।
तेजस्वी पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप
पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वह बीजेपी के खिलाफ संघर्ष करने के बजाय कांग्रेस के साथ टकराव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी पर बीजेपी से सांठगांठ होने का दावा भी किया और उन्हें बीजेपी की मदद करने वाला बताया।
हालांकि, ये आरोप पप्पू यादव के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। उपलब्ध खबर में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या इस संबंध में तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
एमएलसी चुनाव को लेकर भी बढ़ सकती है सियासी हलचल
बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के संबंधों पर चर्चा के बीच स्थानीय निकाय से जुड़ी एमएलसी सीटों पर दोनों दलों के संभावित मुकाबले का मुद्दा भी सामने आया है। खबर के अनुसार, कुछ सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हो सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने पहले स्थानीय निकाय चुनावों की प्रकृति का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह के चुनावों में गठबंधन के घटक दल अपने-अपने स्तर पर उम्मीदवार उतारते रहे हैं।
ऐसे में पप्पू यादव के बयान के बाद दोनों दलों के बीच तालमेल और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर महागठबंधन के भविष्य या उसमें टूट को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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