मुंबई: कई दिनों की कमजोरी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी लौट आई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत चढ़कर 72,382.47 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 में 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 22,555.75 पर बंद हुआ। बाजार के प्रमुख इंडेक्स में भी दिनभर सकारात्मक रुख देखने को मिला।
अमेरिकी दरों को लेकर उम्मीद से बाजार को सहारा
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर ज्यादा आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा। इससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा में सुधार आया।
इसके अलावा ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से भी बाजार को कुछ राहत मिली। कच्चे तेल की कीमत में नरमी से महंगाई को लेकर चिंता अपेक्षाकृत कम हुई।
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी अभी भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है।
FMCG इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी
सोमवार के कारोबार में FMCG इंडेक्स 1.67 प्रतिशत चढ़ा और प्रमुख सेक्टरों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा टेलीकॉम, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी रही।
प्रमुख शेयरों में ITC, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC, भारती एयरटेल और ICICI बैंक बढ़त के साथ बंद हुए। ITC में तिमाही अपडेट के बाद खरीदारी का रुझान मजबूत रहा।
इसके विपरीत हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। HCL टेक, सिप्ला, सन फार्मा, इंफोसिस, एशियन पेंट्स और कोटक बैंक दबाव में रहे।
निफ्टी के लिए 22,400-22,350 का स्तर अहम
ब्रोकरेज और बाजार विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,400 से 22,350 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं ऊपर की ओर 22,600 से 22,700 का स्तर बाजार के लिए अगली बड़ी चुनौती बताया गया है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि निफ्टी 22,700 के ऊपर टिकता है तो आगे 23,000 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना पर नजर रखी जा सकती है। हालांकि, मौजूदा तेजी को लेकर विशेषज्ञ इसे अभी व्यापक ट्रेंड बदलने के बजाय राहत वाली तेजी के तौर पर देख रहे हैं।
RBI के फैसले पर रहेगी बाजार की नजर
इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। बुधवार को आने वाला RBI का निर्णय ब्याज दरों और बाजार की आगे की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल होगा।
बाजार विशेषज्ञों ने मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार, केवल बाजार में आई एक दिन की तेजी को आधार बनाकर फैसला लेने के बजाय कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन और बुनियादी स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।
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