नई दिल्ली: हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बार फिर टिकट महंगा होने वाला है। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे के बाद की गई नई बुकिंग पर लागू होंगी।
कंपनी ने घरेलू उड़ानों में दूरी के आधार पर अलग-अलग फ्यूल चार्ज तय किया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी नया शुल्क लागू किया गया है। ऐसे में मंगलवार से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है।
घरेलू उड़ानों पर कितना लगेगा फ्यूल चार्ज?
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज सफर की दूरी के अनुसार निर्धारित किया गया है।
| यात्रा की दूरी | फ्यूल चार्ज |
|---|---|
| 500 किमी तक | ₹375 |
| 501 से 1,000 किमी | ₹600 |
| 1,001 से 1,500 किमी | ₹900 |
| 1,501 से 2,000 किमी | ₹1,150 |
| 2,000 किमी से अधिक | ₹1,300 |
घरेलू रूट पर नया फ्यूल चार्ज न्यूनतम ₹375 और अधिकतम ₹1,300 होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह शुल्क ₹1,000 से ₹10,000 के बीच निर्धारित किया गया है।
ATF की कीमतों में बढ़ोतरी बनी वजह
इंडिगो के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में हाल के महीनों में काफी उतार-चढ़ाव हुआ है। कंपनी ने ईंधन लागत में बढ़ोतरी को फ्यूल चार्ज संशोधित करने की प्रमुख वजह बताया है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा हाल की अवधि में ATF की कीमतों में 14 प्रतिशत से ज्यादा की मासिक बढ़ोतरी दर्ज होने की बात कही गई है।
चूंकि एयरलाइन के परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी काफी अधिक होती है, इसलिए ATF की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइन की लागत पर सीधे पड़ता है।
सितंबर में भी बढ़ाए गए थे कई चार्ज
इंडिगो ने इससे पहले सितंबर में भी अपनी कुछ अतिरिक्त सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया था। घरेलू उड़ानों में शिशु के साथ यात्रा करने का शुल्क ₹2,200 से बढ़ाकर ₹3,000 किया गया था।
इसके अलावा अकेले यात्रा करने वाले बच्चों के लिए घरेलू उड़ानों में ₹5,999 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ₹12,999 का शुल्क तय किया गया है।
कंपनी की अन्य सेवाओं में फास्ट-फॉरवर्ड सुविधा के लिए ₹650 और ट्रैवल सर्टिफिकेट के लिए ₹300 का शुल्क भी लागू है।
टिकट बुक करने से पहले रखें ध्यान
नई फ्यूल चार्ज व्यवस्था का असर 6 अक्टूबर की रात के बाद की जाने वाली नई बुकिंग पर पड़ेगा। इसलिए यात्रियों को टिकट की कुल कीमत देखते समय बेस फेयर के साथ फ्यूल चार्ज और अन्य लागू शुल्कों को भी ध्यान में रखना होगा।
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