Iron Deficiency: आयरन शरीर के लिए जरूरी खनिजों में से एक है। इसकी कमी होने पर शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता और ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक कमी रहने पर कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है।
शरीर में आयरन क्यों जरूरी है?
आयरन हीमोग्लोबिन और मायोग्लोबिन जैसे प्रोटीन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, जबकि मायोग्लोबिन मांसपेशियों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में मदद करता है।
इसके अलावा शरीर में कुछ हार्मोन और संयोजी ऊतकों के निर्माण के लिए भी आयरन की आवश्यकता होती है।
शुरुआत में आसानी से पता नहीं चलती कमी
आयरन की कमी के शुरुआती चरण में हर व्यक्ति में स्पष्ट लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। शरीर पहले अपने भीतर जमा आयरन का इस्तेमाल करता है। जब यह भंडार भी कम होने लगता है, तब हीमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित हो सकता है और आयरन-डिफिशिएंसी एनीमिया विकसित हो सकता है।
ऐसी स्थिति में लगातार थकान, कमजोरी, सिरदर्द, सांस फूलना या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर आयरन की कमी मान लेना उचित नहीं है।
किन लोगों में जरूरत ज्यादा हो सकती है?
आयरन की जरूरत उम्र, लिंग और जीवन की अलग-अलग अवस्थाओं के अनुसार बदलती है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार:
- वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन करीब 8 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है।
- 19 से 50 वर्ष की महिलाओं के लिए जरूरत करीब 18 मिलीग्राम प्रतिदिन है।
- गर्भावस्था के दौरान यह आवश्यकता बढ़कर करीब 27 मिलीग्राम प्रतिदिन हो जाती है।
- स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए करीब 10 मिलीग्राम प्रतिदिन की जरूरत बताई गई है।
व्यक्तिगत जरूरत स्वास्थ्य और चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
खाने में शामिल करें आयरन वाले खाद्य पदार्थ
आयरन पाने के लिए डाइट में कई तरह के खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। मांस, मछली और चिकन आयरन के स्रोत हैं। शाकाहारी विकल्पों में दालें, बीन्स, पालक और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां उपयोगी हो सकती हैं।
इसके अलावा नट्स, बीज, सूखे मेवे, साबुत अनाज और आयरन-फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
विटामिन C भी है मददगार
पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में विटामिन C मदद कर सकता है। इसलिए आयरन वाले भोजन के साथ संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली या शिमला मिर्च जैसे विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
आयरन की ज्यादा मात्रा भी नुकसानदायक
सिर्फ आयरन की कमी ही समस्या नहीं है। शरीर में जरूरत से ज्यादा आयरन पहुंचने पर भी परेशानी हो सकती है। अधिक मात्रा में आयरन लेने से पेट दर्द, कब्ज, मतली, दस्त और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए बिना जांच या चिकित्सकीय सलाह के आयरन सप्लीमेंट शुरू करना उचित नहीं है। लगातार थकान, कमजोरी या सांस फूलने जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।
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