पटना: बिहार में कृषि क्षेत्र की बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने की दिशा में योजना तैयार की जा रही है। कृषि फीडरों को चरणबद्ध तरीके से सोलर पावर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित योजना के तहत 2029 तक कृषि फीडरों के लिए 2585 मेगावाट सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इस परियोजना में निजी कंपनियों की भागीदारी के साथ स्थानीय किसानों को भी जोड़ा जाएगा। सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों को निर्धारित आर्थिक लाभ देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
55 पैसे प्रति यूनिट में मिल रही कृषि बिजली
वर्तमान व्यवस्था के तहत बिहार में किसानों को कृषि कार्य के लिए बिजली 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं बिजली कंपनी के लिए बिजली खरीद की लागत लगभग 6.19 रुपये प्रति यूनिट बताई गई है।
कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का उद्देश्य बिजली की जरूरत को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत से पूरा करना और कृषि क्षेत्र में सस्ती बिजली की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखना है।
पहले चरण में 640 फीडरों का सोलराइजेशन
योजना के शुरुआती चरण में 2027 तक 640 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे लगभग 640 मेगावाट सौर बिजली उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अगले चरण में 2028 तक 896 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन का लक्ष्य है। इस चरण के पूरा होने पर करीब 900 मेगावाट सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
2029 तक 1024 फीडरों को सोलर से जोड़ने की तैयारी
योजना के तीसरे चरण में 2029 तक कुल 1024 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण से करीब 1034 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना है।
तीनों चरणों को मिलाकर कृषि फीडरों के लिए 2585 मेगावाट सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जमीन देने वाले किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ
सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए स्थानीय स्तर पर जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए बिजली कंपनी किसानों को योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है। जिन किसानों की जमीन सोलर परियोजनाओं के लिए ली जाएगी, उन्हें तय व्यवस्था के अनुसार आर्थिक लाभ दिया जाएगा।
सरकार और बिजली कंपनी की योजना है कि सौर ऊर्जा के विस्तार के साथ किसानों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। इससे कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत का आधार मजबूत होने की उम्मीद है।
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