रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध जारी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 4 अक्टूबर को रांची के धुर्वा में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, शाम 4:30 बजे धुर्वा बस स्टैंड पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले का दहन किया जाएगा।
सुरेश पासवान से मिले कैलाश यादव
प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने शनिवार को पार्टी विधायक दल के नेता और देवघर विधायक सुरेश पासवान से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद नेताओं ने SIR, MMDR संशोधन विधेयक और OBC कॉलम से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की ओर से विरोध कार्यक्रम चलाने की बात कही। राजद नेताओं के मुताबिक कार्यकर्ता इन मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।
SIR को लेकर राजद ने उठाए सवाल
कैलाश यादव ने SIR की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पार्टी का मानना है कि इससे पात्र मतदाताओं के सामने समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में योग्य नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
सुरेश पासवान ने भी SIR को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया पर आरोप लगाए। उनके ये आरोप राजद के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जा रहा है।
MMDR और OBC कॉलम का मुद्दा भी उठाया
राजद नेताओं ने MMDR संशोधन विधेयक को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सुरेश पासवान ने आरोप लगाया कि इससे झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के राजस्व हितों पर असर पड़ सकता है। यह पार्टी की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
OBC कॉलम को लेकर कैलाश यादव ने कहा कि जातीय आंकड़ों से जुड़े मुद्दों के बीच इस विषय पर सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। राजद ने इन मुद्दों को लेकर राज्यभर में विरोध कार्यक्रम जारी रखने की बात कही है।
धुर्वा में 4 अक्टूबर को कार्यक्रम
राजद के अनुसार, रांची जिला इकाई की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में राजधानी में रहने वाले पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम 4 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे धुर्वा बस स्टैंड पर प्रस्तावित है।
इससे पहले भी रांची में SIR को लेकर अन्य विपक्षी दलों और संगठनों की ओर से प्रदर्शन हो चुके हैं। 28 सितंबर को कांग्रेस ने धुर्वा स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था, जबकि 30 सितंबर को झामुमो ने भी SIR को लेकर विरोध कार्यक्रम किया।
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