Kitchen Tips: भारतीय रसोई में कड़ाही का इस्तेमाल लगभग रोज होता है। सब्जी बनाने से लेकर तड़का लगाने और तलने तक, लोहे और स्टेनलेस स्टील की कड़ाही आम तौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं। दोनों में खाना अच्छी तरह पकाया जा सकता है, लेकिन इनके गुण अलग-अलग हैं।
ऐसे में कड़ाही खरीदते या इस्तेमाल करते समय सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि हीट रिटेंशन, सफाई, रखरखाव और किस तरह का खाना बनाया जा रहा है, इन बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
लोहे की कड़ाही की खासियत
लोहे या कास्ट आयरन की कड़ाही गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए जानी जाती है। इसका इस्तेमाल खासकर धीमी आंच पर पकने वाली सब्जियों, करी और तलने वाले व्यंजनों में किया जा सकता है।
लोहे के बर्तन में खाना पकाने से भोजन में कुछ मात्रा में आयरन पहुंच सकता है। यह मात्रा भोजन, बर्तन की स्थिति और पकाने के तरीके पर निर्भर करती है। इसलिए इसे आयरन की कमी का इलाज या आयरन सप्लीमेंट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
सही सीजनिंग से बेहतर होती है सतह
लोहे की कड़ाही को नियमित रूप से सीजन करने से उसकी सतह अधिक चिकनी हो सकती है और खाना चिपकने की समस्या कम हो सकती है। इससे खाना पकाने में सुविधा मिलती है।
हालांकि, लोहे के बर्तन में नमी रहने पर जंग लग सकता है। इसलिए इस्तेमाल के बाद इसे अच्छी तरह सुखाना और जरूरत के अनुसार हल्की तेल की परत लगाकर रखना जरूरी है।
स्टेनलेस स्टील की कड़ाही क्यों पसंद की जाती है?
स्टेनलेस स्टील के बर्तन मजबूत होते हैं और उनकी देखभाल अपेक्षाकृत आसान होती है। इनमें लोहे के बर्तनों की तरह जंग लगने की समस्या आम तौर पर नहीं होती।
स्टेनलेस स्टील की एक खासियत यह है कि यह सामान्य खाना पकाने की परिस्थितियों में अम्लीय सामग्री वाले व्यंजनों के लिए सुविधाजनक विकल्प है। इसलिए टमाटर, नींबू या इमली जैसी सामग्री वाली डिश बनाने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्टील के बर्तन में क्या ध्यान रखें?
स्टेनलेस स्टील की कड़ाही में खाना चिपकने की समस्या हो सकती है, खासकर अगर बर्तन सही तापमान पर न हो या तेल का इस्तेमाल उचित तरीके से न किया गया हो। सही प्रीहीटिंग और खाना पकाने की तकनीक से इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दोनों में क्या अंतर है?
| खासियत | लोहे की कड़ाही | स्टेनलेस स्टील की कड़ाही |
|---|---|---|
| गर्मी बनाए रखना | बेहतर | अपेक्षाकृत कम |
| रखरखाव | अधिक | आसान |
| जंग की संभावना | होती है | बहुत कम |
| सीजनिंग | जरूरी/फायदेमंद | जरूरी नहीं |
| आयरन की मात्रा | भोजन में कुछ आयरन बढ़ा सकती है | आम तौर पर ऐसा प्रभाव नहीं |
| अम्लीय भोजन | लंबे समय तक पकाने में सावधानी बेहतर | आम तौर पर सुविधाजनक |
| तलने और धीमी आंच के व्यंजन | अच्छा विकल्प | अच्छा विकल्प |
आखिर कौन-सी कड़ाही चुनें?
इसका कोई एक जवाब सभी लोगों के लिए सही नहीं है। अगर आप ऐसा बर्तन चाहते हैं जो गर्मी लंबे समय तक बनाए रखे और जिसकी सीजनिंग व देखभाल करने में आपको परेशानी न हो, तो लोहे की कड़ाही उपयोगी हो सकती है।
वहीं, अगर आपकी प्राथमिकता आसान सफाई, कम रखरखाव और रोजाना सुविधाजनक इस्तेमाल है, तो स्टेनलेस स्टील की कड़ाही बेहतर तरीके से आपकी जरूरत पूरी कर सकती है।
सबसे व्यावहारिक विकल्प कई घरों में दोनों तरह के बर्तनों का इस्तेमाल करना हो सकता है—व्यंजन और खाना पकाने की जरूरत के अनुसार सही कड़ाही चुनें।
ध्यान दें: लोहे के बर्तन से भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ सकती है, लेकिन यह प्रभाव व्यक्ति और भोजन के अनुसार बदलता है। यदि किसी को आयरन की कमी या एनीमिया है, तो केवल बर्तन बदलने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
BHARATSUPRFASTNEWS
