रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने सिल्ली क्षेत्र स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के मुरी प्लांट और उसके आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले जैसी हिंसक स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए और फैक्ट्री का संचालन प्रभावित नहीं होना चाहिए।
न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की अदालत में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई हुई। कंपनी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अंकित विशाल ने पक्ष रखा।
सरकार ने बताया, आंदोलन समाप्त
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता रोहित राय ने राज्य सरकार की ओर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर अदालत को बताया कि संबंधित आंदोलन समाप्त हो चुका है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल है।
वहीं याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि कुछ मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। इस आधार पर मामले की सुनवाई को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह किया गया।
अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है। साथ ही रांची जिला प्रशासन को फैक्ट्री परिसर और आसपास शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा है।
फैक्ट्री प्रबंधन को प्रशासन का सहयोग करना होगा
हाईकोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति दोबारा बिगड़ने नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने फैक्ट्री प्रबंधन को भी प्रशासन के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया है।
महाधिवक्ता की ओर से अदालत में प्रस्तुत निर्देश की प्रति को रिकॉर्ड पर रखने का आदेश भी दिया गया। मामले में राज्य सरकार के अलावा रांची के उपायुक्त, सदर एसडीएम, एसपी, मुरी थाना प्रभारी और सिल्ली विधायक अमित कुमार को प्रतिवादी बनाया गया है।
प्रदर्शन के हिंसक होने की शिकायत पर पहले भी हुआ था हस्तक्षेप
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया था कि स्थानीय विधायक के नेतृत्व में कामगारों की कुछ मांगों को लेकर चल रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया था। कंपनी का दावा था कि कई मांगों पर कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और इससे फैक्ट्री के कामकाज पर असर पड़ने की स्थिति बनी।
कंपनी की ओर से यह भी कहा गया था कि कुछ कर्मचारी परिसर के भीतर फंस गए थे तथा प्रदर्शन के दौरान राहगीरों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें सामने आई थीं।
इसके बाद अदालत ने रांची के एसएसपी, उपायुक्त, एसडीएम, एसपी और मुरी थाना प्रभारी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा था।
प्लांट का संचालन बाधित नहीं होने देने का निर्देश
कंपनी ने अदालत से बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आवश्यक आदेश जारी करने तथा प्लांट परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया था।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया था कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी फैक्ट्री परिसर से बाहर निकल चुके हैं और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि कंपनी के अधिवक्ता ने इस दावे पर आपत्ति जताई थी और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो अदालत के सामने रखे थे।
अदालत ने उस समय यह भी कहा था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर तत्काल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन वास्तव में हिंसक हुआ था या कर्मचारी परिसर में फंसे हुए थे। इसी को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।
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