पटना: बिहार के सड़क और हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, पटना रिंग रोड सहित कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
समय पर काम पूरा करने पर जोर
समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार से जुड़ी सड़क परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने और निर्माण के दौरान आने वाली अड़चनों का तेजी से समाधान करने पर जोर दिया।
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा सड़क निर्माण की गुणवत्ता भी रहा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की बात कही।
पटना-पूर्णिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पर नजर
बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन, दरभंगा-सुपौल हाईवे, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा और आमस-दरभंगा परियोजनाओं को भी समीक्षा में शामिल किया गया।
मुंगेर-मिर्जाचौकी, बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर, सीवान-मशरख और डुमरिया घाट पुल से जुड़े कार्यों की स्थिति पर भी विचार किया गया।
पटना रिंग रोड और एलिवेटेड रोड भी एजेंडे में
राजधानी पटना के आसपास यातायात और कनेक्टिविटी बेहतर करने वाली परियोजनाओं पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। पटना रिंग रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर और बिहटा-कोइलवर सड़क के उन्नयन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही NH-22 और NH-31 के अनीसाबाद-दीदारगंज हिस्से में सर्विस रोड के साथ प्रस्तावित छह लेन एलिवेटेड रोड, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर और छह लेन गंगा पुल की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
वाराणसी-रांची-कोलकाता छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे की प्रगति भी समीक्षा के दायरे में रही।
औरंगाबाद-अंबा बाईपास के लिए DPR तैयार करने का निर्देश
बैठक में औरंगाबाद-अंबा बाईपास और NH-139 को फोरलेन करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा NH-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए भी DPR तैयार करने को कहा गया।
इन निर्देशों का उद्देश्य संबंधित परियोजनाओं की तकनीकी और निर्माण संबंधी तैयारियों को आगे बढ़ाना है। हालांकि, इन सभी योजनाओं के लिए निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
सड़क निर्माण में AI तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
सड़क परियोजनाओं की निगरानी और निर्माण गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। इससे परियोजनाओं की मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाने और निर्माण से जुड़ी कमियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बिहार की सिल्ट नीति की चर्चा
बैठक में सड़क निर्माण में नदियों से निकलने वाली गाद यानी सिल्ट के उपयोग से जुड़ी बिहार की नीति पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, नितिन गडकरी ने इस पहल की सराहना की और इसे दूसरे राज्यों के लिए भी उपयोगी मॉडल बताया।
सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
बेहतर सड़क नेटवर्क से कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद
बिहार में एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं के विस्तार का उद्देश्य राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर करना है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद आवागमन, माल परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव निर्माण की गति, समय पर पूरा होने और सड़क के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।
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