रांची: ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के तहत रांची के नामकुम में गुरुवार को जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने खुद झाड़ू लगाकर श्रमदान किया और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। घर, गांव और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे रोजमर्रा की आदत बनाने की अपील की।
सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी की अपील
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए लोगों से एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाने की अपील की। उन्होंने कपड़े के थैले को अपनाने का संदेश दिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच कपड़े के बैग भी वितरित किए।
श्रमदान के साथ पौधरोपण
जन-जागरूकता कार्यक्रम में अधिकारियों और अन्य लोगों ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर परिसर की सफाई की। इसके साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए शपथ दिलाई गई।
कचरा प्रबंधन में समुदाय की भूमिका अहम
विभागीय सचिव अबु इमरान ने ग्रामीण इलाकों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जनसहयोग के बिना कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से मजबूत करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक रंजीता हेम्ब्रम ने भी लोगों से स्वच्छता को सिर्फ अभियान या कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखने की अपील की। उन्होंने इसे स्थायी व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में संयुक्त सचिव शशिंद्र बड़ाइक, यूनिसेफ के WASH विशेषज्ञ कुमार प्रेमचंद, नामकुम के बीडीओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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