पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति कई इलाकों में अब भी चुनौती बनी हुई है। नेपाल से आने वाले पानी और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण राज्य के 6 जिलों में करीब 1.59 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंडक, कोसी और गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर ऊंचा है। दूसरी ओर, मौसम के मोर्चे पर गुरुवार को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 अक्टूबर को राज्य में भारी बारिश की संभावना नहीं है और किसी जिले के लिए विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, बारिश कम होने के बाद तापमान बढ़ने के साथ उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
बगहा और बेतिया में तटबंध टूटने से बढ़ी परेशानी
नदियों के बढ़ते पानी का दबाव तटबंधों पर भी दिखाई दे रहा है। बगहा और बेतिया में चार स्थानों पर तटबंध टूटने की सूचना है। इसके चलते आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी फैल रहा है और कई इलाकों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
छपरा में बाढ़ के पानी में गिरा मकान
छपरा के हजलपुर गांव में बाढ़ के तेज बहाव के कारण एक मकान ढह गया। पानी का दबाव बढ़ने से यह मकान देखते ही देखते ध्वस्त होकर पानी में समा गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
पटना समेत कई इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ा
पटना के अलावा बेगूसराय और खगड़िया में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पटना के कई घाट पानी में डूब चुके हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।
आज नहीं है भारी बारिश का अलर्ट
बाढ़ के बीच मौसम विभाग की ओर से गुरुवार के लिए राहत की खबर है। राज्य के किसी भी जिले में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।
मौसम साफ रहने पर कुछ जगहों पर धूप निकल सकती है। इसके चलते अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है। वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण गर्मी के साथ उमस महसूस हो सकती है।
13 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। खगड़िया में 36.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 474 फीसदी अधिक बताई गई है।
इसके अलावा मुंगेर में 29 मिमी, लखीसराय में 24.7 मिमी, भागलपुर में 19.8 मिमी और बेगूसराय में 19.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। रोहतास, बांका, अरवल, गोपालगंज, औरंगाबाद, सीवान, पश्चिम चंपारण, मधेपुरा, गया, सहरसा, शेखपुरा, जमुई, नालंदा, पटना और वैशाली में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी है।
सीमांचल के कई जिलों में बारिश कम
जहां कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश हुई, वहीं सीमांचल और उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश की कमी रही। अररिया में सिर्फ 2.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 79 फीसदी कम है।
किशनगंज में 3.9 मिमी, पूर्णिया में 4.4 मिमी और कटिहार में 9.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में भी सामान्य से कम बारिश हुई।
मानसून सीजन में अब तक 32 फीसदी कमी
बिहार में मानसून सीजन के दौरान अब तक 678.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 992.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से राज्य में अब तक करीब 32 फीसदी कम बारिश हुई है।
हालांकि, हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में हुई तेज बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बनाया है।
3 से 6 अक्टूबर के बीच बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है। वहीं, 3 से 6 अक्टूबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं।
इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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