Friday, October 23, 2026

क्या रोज चुकंदर का जूस पीने से लिवर डिटॉक्स होता है? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स.

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नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026: चुकंदर को पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों में गिना जाता है। इसमें फोलेट, नाइट्रेट और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई यौगिक पाए जाते हैं। इसी वजह से इसे दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर सहित कई स्वास्थ्य पहलुओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या रोजाना चुकंदर का जूस पीने से लिवर डिटॉक्स हो जाता है? इस सवाल का जवाब समझने के लिए इसके फायदों और सीमाओं को जानना जरूरी है।

चुकंदर में मौजूद बेटालेन क्यों है खास?

चुकंदर का लाल रंग मुख्य रूप से बेटालेन नामक पिगमेंट से आता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में मदद कर सकते हैं।

लिवर शरीर से कई अपशिष्ट पदार्थों को प्रोसेस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए संतुलित डाइट में चुकंदर जैसी पौष्टिक सब्जियों को शामिल करना लिवर सहित पूरे शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इसे किसी विशेष “डिटॉक्स ड्रिंक” के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

बीटेन भी हो सकता है फायदेमंद

चुकंदर में बीटेन (Betaine) नामक प्राकृतिक यौगिक भी पाया जाता है। यह शरीर में कई जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है और लिवर के मेटाबॉलिज्म से भी इसका संबंध है।

कुछ शोधों में बीटेन और लिवर की सेहत के बीच संभावित संबंधों का अध्ययन किया गया है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सिर्फ चुकंदर का जूस पीने से फैटी लिवर या किसी अन्य लिवर बीमारी का इलाज हो जाता है।

क्या चुकंदर का जूस लिवर को “डिटॉक्स” करता है?

यहां एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है। लिवर को सामान्य तौर पर किसी खास जूस से डिटॉक्स करने की जरूरत नहीं होती। स्वस्थ लिवर खुद शरीर में दवाओं, अल्कोहल और अन्य पदार्थों को प्रोसेस करने तथा अपशिष्ट उत्पादों के मेटाबॉलिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

चुकंदर का जूस पोषक तत्व प्रदान कर सकता है, लेकिन इसे लिवर की सफाई या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

लिवर की सेहत के लिए सिर्फ जूस पर निर्भर न रहें

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पूरी डाइट और जीवनशैली महत्वपूर्ण होती है। पर्याप्त शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, उचित वजन बनाए रखना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है।

अगर किसी व्यक्ति को फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर एंजाइम बढ़ने जैसी समस्या है, तो केवल चुकंदर का जूस पीने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और जरूरी जांच कराना चाहिए।

ज्यादा चुकंदर लेने पर क्या हो सकता है?

चुकंदर खाने या इसका जूस पीने के बाद कुछ लोगों के पेशाब का रंग गुलाबी या लाल दिखाई दे सकता है। इसे बीटुरिया कहा जाता है और यह चुकंदर के प्राकृतिक पिगमेंट की वजह से हो सकता है।

चुकंदर में ऑक्सालेट भी होता है। जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या रही है या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, उन्हें नियमित रूप से अधिक मात्रा में चुकंदर या इसका जूस लेने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

चुकंदर एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है और संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, नाइट्रेट और अन्य यौगिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन रोजाना चुकंदर का जूस पीने को लिवर “डिटॉक्स” करने या लिवर की बीमारी ठीक करने का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी लिवर या किडनी संबंधी बीमारी, असामान्य लिवर टेस्ट या अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

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