धनबाद: झरिया में खुद को महिला समिति और मानवाधिकार संगठन से जुड़ा बताकर एक परिवार से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। पीड़िता तबस्सुम परवीन ने पांच महिलाओं पर घर में पहुंचकर धमकी देने और एक लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता के मुताबिक, 17 सितंबर की रात पांच महिलाएं अचानक उसके घर पहुंचीं। उन्होंने खुद को महिला समिति और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार न्यायिक सुरक्षा परिषद आयोग का अधिकारी बताया। आरोप है कि महिलाओं ने उसके भाई को किसी मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी और मामला खत्म कराने के बदले एक लाख रुपये मांगे।
परिवार का कहना है कि दबाव और डर की स्थिति में उन्होंने तत्काल 20 हजार रुपये दे दिए।
तीन दिन बाद दोबारा पहुंचने का आरोप
परिवार के अनुसार, 20 सितंबर को वही पांच महिलाएं फिर घर पहुंचीं। इस दौरान कथित तौर पर बकाया 80 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया। परिवार ने पांच हजार रुपये और एक महिला, जिसे गुड़िया झा बताया गया है, को दिए।
पीड़िता का आरोप है कि महिलाओं ने अपने पास मौजूद आईडी कार्ड दिखाकर परिवार पर दबाव बनाया और मानवाधिकार आयोग तथा महिला समिति से जुड़े होने का दावा किया।
पुलिस-प्रशासन से जांच की मांग
मामले के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार ने आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले की जांच कराने की अपील की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं हुई है। मामले में पुलिस या संबंधित संस्थाओं का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
