Sunday, September 20, 2026

NEET MDS काउंसलिंग में सिक्योरिटी मनी के नियम जारी, सीट छोड़ने पर 2 लाख तक हो सकते हैं जब्त.

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रांची: झारखंड में NEET MDS एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट से संबंधित नियम जारी कर दिए गए हैं। निर्धारित काउंसलिंग अवधि में अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क, काउंसलिंग शुल्क और निर्धारित सिक्योरिटी राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी।

उम्मीदवार क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क कितना है?

काउंसलिंग के लिए सामान्य ऑल इंडिया उम्मीदवारों से 1,000 रुपये आवेदन शुल्क लिया जाएगा। वहीं झारखंड के SC, ST और महिला अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित है।

दिव्यांग उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है।

काउंसलिंग फीस की बात करें तो ऑल इंडिया उम्मीदवारों के लिए यह राशि 2,000 रुपये है। झारखंड के SC, ST और महिला उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग फीस 1,200 रुपये रखी गई है।

अलग-अलग संस्थानों के लिए अलग सिक्योरिटी डिपॉजिट

काउंसलिंग में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को चुने गए संस्थान के प्रकार के अनुसार सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी।

सरकारी संस्थानों के लिए:

  • UR और EWS उम्मीदवारों के लिए 30,000 रुपये
  • SC, ST, OBC और PWD उम्मीदवारों के लिए 15,000 रुपये

निजी संस्थानों के लिए:

  • निजी मेडिकल कॉलेज: 2 लाख रुपये
  • निजी डेंटल कॉलेज: 1 लाख रुपये

यदि कोई अभ्यर्थी सरकारी और निजी दोनों तरह के संस्थानों को अपनी पसंद में शामिल करता है, तो मेडिकल कॉलेज के लिए 2 लाख और डेंटल कॉलेज के लिए 1 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि लागू होगी।

Mop-up और Stray Round के लिए 50 हजार रुपये

काउंसलिंग के Mop-up/Stray Round में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए 50,000 रुपये सिक्योरिटी मनी निर्धारित की गई है।

अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद भरने और सीट स्वीकार करने से पहले संबंधित नियमों को ध्यान से देखना होगा।

किन परिस्थितियों में जब्त होगी सिक्योरिटी मनी?

नियमों के मुताबिक, दूसरे राउंड या उसके बाद सीट आवंटित होने के बावजूद यदि उम्मीदवार एडमिशन नहीं लेता है, तो जमा की गई सिक्योरिटी राशि जब्त की जा सकती है।

इसके अलावा आवेदन या रजिस्ट्रेशन के दौरान गलत जानकारी देने अथवा दाखिले के समय आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में भी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस नहीं किया जाएगा।

इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करते समय व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण सही भरने तथा काउंसलिंग के दौरान जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखने की सलाह दी गई है।

कब वापस मिलेगी सिक्योरिटी राशि?

जो उम्मीदवार नियमों के मुताबिक एडमिशन ले लेते हैं, उनके लिए सिक्योरिटी राशि की वापसी का प्रावधान है। इसी तरह किसी भी राउंड में सीट नहीं मिलने वाले अभ्यर्थियों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार सिक्योरिटी मनी वापस की जाएगी।

काउंसलिंग प्रक्रिया के अंतिम चरण के पूरा होने के बाद तीन महीने के भीतर सिक्योरिटी राशि लौटाने का प्रावधान बताया गया है।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग में शामिल होने से पहले शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट, सीट आवंटन और रिफंड से जुड़े सभी नियमों को आधिकारिक निर्देशों के साथ मिलाकर जरूर देख लें।

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