रांची: झारखंड में इस मानसून बारिश का वितरण जिलों के बीच काफी असमान रहा है। राज्य स्तर पर बारिश सामान्य से थोड़ी कम है, लेकिन अलग-अलग जिलों के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। 1 जून से 19 सितंबर तक राज्य में कुल 886.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 950.9 मिमी मानी जाती है। यानी राज्य में सामान्य से करीब 7 फीसदी कम वर्षा हुई है।
10 जिलों में 20 फीसदी या उससे ज्यादा कमी
जिला स्तर पर बारिश की स्थिति चिंता पैदा करने वाली है। राज्य के 10 जिलों में सामान्य के मुकाबले 20 फीसदी या उससे अधिक बारिश कम हुई है।
पाकुड़ सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा। यहां 19 सितंबर तक सिर्फ 542.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 1082.3 मिमी है। इस तरह पाकुड़ में सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश हुई।
इसके बाद चतरा में 37 फीसदी, देवघर में 32 फीसदी और गुमला में 31 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। साहिबगंज में 29 फीसदी, कोडरमा में 27 फीसदी, जबकि गिरिडीह और हजारीबाग में 25-25 फीसदी कम बारिश हुई है। गढ़वा में 23 फीसदी और गोड्डा में सामान्य से 20 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई।
पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 41 फीसदी ज्यादा बारिश
दूसरी ओर पश्चिमी सिंहभूम में मानसून ने सामान्य से काफी अधिक बारिश दी है। जिले में 19 सितंबर तक 1329 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 943.4 मिमी है। यानी यहां सामान्य से 41 फीसदी अधिक वर्षा हुई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम राज्य का एकमात्र जिला है, जहां बारिश अतिरिक्त श्रेणी में पहुंची है।
रांची में भी सामान्य से ज्यादा पानी बरसा
राजधानी रांची में भी इस मानसून सामान्य से अधिक बारिश हुई है। 19 सितंबर तक यहां 1070.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 971.2 मिमी है। रांची में सामान्य से करीब 10 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
लातेहार और सरायकेला-खरसावां में भी सामान्य से 10-10 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई।
13 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में
झारखंड के 13 जिलों में मानसूनी बारिश सामान्य श्रेणी में रही। इनमें रांची, लातेहार, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, जामताड़ा, धनबाद, खूंटी, दुमका, रामगढ़, बोकारो और पलामू शामिल हैं।
इस तरह राज्य का औसत आंकड़ा सामान्य के करीब दिखाई देने के बावजूद जिलों के स्तर पर बारिश की स्थिति काफी अलग है। कुछ जिलों में कम बारिश से सूखे जैसी स्थिति बन रही है, जबकि कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
