धनबाद: करीब नौ साल पुराने रंजय सिंह हत्याकांड में धनबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने हर्ष सिंह और नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने 19 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन की ओर से 23 गवाह पेश किए गए थे।
फैसले के बाद झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निर्णय से उनके परिवार को राहत मिली है, लेकिन इसे पूरी खुशी नहीं कहा जा सकता। हर्ष सिंह उनके देवर और दिवंगत नीरज सिंह के मौसेरे भाई हैं।
पूर्णिमा नीरज सिंह ने क्या कहा
पूर्णिमा नीरज सिंह के मुताबिक, रंजय सिंह हत्याकांड में अदालत के फैसले से परिवार को एक स्तर पर राहत मिली है। हालांकि, उनके पति नीरज सिंह की हत्या से जुड़ा मामला अलग है और उसमें न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखी जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार निशाना बनाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई।
नीरज सिंह हत्याकांड को बताया अलग मामला
पूर्व विधायक ने रंजय सिंह हत्याकांड और अपने पति नीरज सिंह की हत्या के मामले को अलग-अलग बताया। उनका कहना है कि दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीरज सिंह हत्याकांड में परिवार न्याय के लिए हाईकोर्ट का रुख कर चुका है और आगे भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाएंगे।
अदालत ने संदेह का लाभ देकर किया बरी
रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 को धनबाद के चाणक्य नगर मोड़ के पास हुई थी। इस मामले की सुनवाई करीब नौ साल तक चली। अदालत ने हर्ष सिंह और नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।
अदालत के फैसले के बाद मृतक रंजय सिंह के भाई संजय सिंह ने निर्णय को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनका परिवार कानूनी तरीके से आगे की लड़ाई लड़ेगा और फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही।
न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया
पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि न्याय मिलने में समय लग सकता है, लेकिन उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंजय सिंह हत्याकांड में आया फैसला और नीरज सिंह हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार को उम्मीद है कि नीरज सिंह हत्याकांड में भी न्याय मिलेगा और इसके लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत लड़ाई जारी रहेगी।
